नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने सोमवार को कहा कि विपक्षी INDIA गठबंधन चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूचियों से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना विरोध तेज करेगा। गठबंधन के तय कार्यक्रम के तहत विपक्षी दलों के सांसद संसद भवन से निर्वाचन आयोग तक शांतिपूर्ण मार्च करेंगे। विपक्ष की प्रमुख मांगों में कथित “वोट चोरी” के आरोपों की जांच और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग शामिल है। INDIA गठबंधन ने हाल की बैठक में निर्वाचन आयोग तक सांसदों का संयुक्त मार्च करने और देशभर में विरोध कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला किया था।जयराम रमेश के मुताबिक, विपक्षी सांसदों को मार्च शुरू होने से पहले सुबह 10:30 बजे संसद भवन के मकर द्वार पर एकत्र होने के लिए कहा गया है। इसके बाद सांसद निर्वाचन आयोग की ओर मार्च करेंगे। विपक्ष का कहना है कि इस प्रदर्शन का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी अपनी चिंताओं को निर्वाचन आयोग के सामने रखना है।विपक्षी दल पिछले कुछ समय से विशेष गहन संशोधन (SIR), मतदाता सूची और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठा रहे हैं। INDIA गठबंधन के नेताओं ने आरोप लगाया है कि चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर निर्वाचन आयोग ने विपक्ष के कई आरोपों को खारिज किया है और मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया का बचाव किया है।
खड़गे और राहुल गांधी की मौजूदगी में बैठक
जयराम रमेश ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों और राज्यों के प्रभारियों की बैठक भी हुई। यह बैठक करीब दो घंटे तक चली।बैठक में मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के साथ निर्वाचन आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस की आगे की रणनीति को लेकर चर्चा की गई। कांग्रेस इन मुद्दों को संगठनात्मक स्तर पर भी उठाने की तैयारी कर रही है।INDIA गठबंधन ने इससे पहले भी निर्वाचन आयोग और SIR को लेकर संयुक्त कार्यक्रमों की घोषणा की थी। गठबंधन की बैठक में सांसदों के मार्च के अलावा अलग-अलग राज्यों और जिलों में विरोध प्रदर्शन तथा बड़ी रैलियां आयोजित करने की योजना पर सहमति बनी थी।
ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग विपक्ष पहले भी उठा चुका है। मार्च 2026 में विपक्ष के 130 लोकसभा और 63 राज्यसभा सांसदों ने उन्हें हटाने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए नोटिस दिए थे। इसके बाद अप्रैल में राज्यसभा में 73 विपक्षी सांसदों के हस्ताक्षर वाला एक और नोटिस दिया गया था।सितंबर में यह मुद्दा एक बार फिर विपक्ष के राजनीतिक अभियान के केंद्र में आ गया। कांग्रेस सहित INDIA गठबंधन के विभिन्न दलों ने SIR और निर्वाचन आयोग के कामकाज पर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग दोहराई।हालांकि विपक्ष की ओर से लगाए गए “वोट चोरी” जैसे आरोप राजनीतिक दावे हैं। निर्वाचन आयोग और सत्तारूढ़ भाजपा इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं। इसलिए इन आरोपों को स्थापित तथ्य के बजाय विपक्ष के आरोप के रूप में देखा जाना चाहिए।
SIR को लेकर जारी है राजनीतिक विवाद
विशेष गहन संशोधन को लेकर पिछले कुछ समय से राजनीतिक विवाद बढ़ा है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में किए जा रहे बदलावों के कारण पात्र मतदाताओं के नाम हटने का खतरा है। विपक्षी दलों ने इस प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की मांग की है।वहीं निर्वाचन आयोग का कहना है कि मतदाता सूची के संशोधन का उद्देश्य सूची को अपडेट करना और योग्य मतदाताओं को शामिल करते हुए गलत या अपात्र प्रविष्टियों को नियमों के अनुसार हटाना है। आयोग ने विपक्ष की ओर से हाल में लगाए गए कुछ आरोपों को भी भ्रामक बताया है।इसी विवाद के बीच विपक्ष ने सड़क से संसद तक इस मुद्दे को उठाने की रणनीति तैयार की है। सांसदों का निर्वाचन आयोग तक मार्च इसी अभियान का हिस्सा है।
देशभर में आंदोलन की रणनीति
INDIA गठबंधन की हालिया बैठक में सिर्फ दिल्ली में प्रदर्शन करने की योजना नहीं बनाई गई, बल्कि देशभर में चरणबद्ध तरीके से विरोध कार्यक्रम आयोजित करने पर भी चर्चा हुई। गठबंधन ने पांच बड़ी रैलियां और जिला स्तर पर विरोध कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला किया है।विपक्षी नेताओं का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में लोगों का विश्वास बनाए रखने के लिए निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पारदर्शी और निष्पक्ष दिखाई देनी चाहिए। इसी आधार पर गठबंधन मतदाता सूची और SIR से जुड़े मुद्दों को सार्वजनिक मंचों पर उठा रहा है।
संसद से चुनाव आयोग तक प्रदर्शन
जयराम रमेश के बयान के अनुसार, सांसदों को सुबह 10:30 बजे मकर द्वार पर पहुंचने के लिए कहा गया है। यहां से विपक्षी सांसद एक साथ निर्वाचन आयोग की ओर बढ़ेंगे।विपक्ष इस मार्च के जरिए कथित वोट चोरी, SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की अपनी मांग को प्रमुखता से उठाना चाहता है। वहीं इन आरोपों पर निर्वाचन आयोग अपना पक्ष रखता रहा है और चुनावी प्रक्रियाओं से जुड़े विपक्ष के कई दावों को खारिज कर चुका है।ऐसे में विपक्ष के प्रस्तावित मार्च के साथ निर्वाचन आयोग और मतदाता सूची संशोधन को लेकर जारी राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना है। फिलहाल INDIA गठबंधन इसे शांतिपूर्ण विरोध कार्यक्रम के रूप में आयोजित करने की तैयारी कर रहा है।