राहुल गांधी के आवास पर विपक्षी नेताओं का जमावड़ा सोनिया गांधी भी पहुंचीं
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को विपक्षी दलों की राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आवास पर पहुंचीं। राहुल गांधी ने अपने आवास पर INDIA गठबंधन के नेताओं और सांसदों के लिए हाई-टी बैठक का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विपक्षी दलों के बीच आपसी समन्वय मजबूत करना और मौजूदा राजनीतिक मुद्दों पर साझा रणनीति को लेकर चर्चा करना था।
राहुल गांधी की ओर से आयोजित इस बैठक में INDIA गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं, विपक्षी सांसदों, नागरिक संगठनों और प्रमुख छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था। दिल्ली के 5, सुनहरी बाग रोड स्थित उनके आवास पर शाम चार बजे हाई-टी कार्यक्रम निर्धारित किया गया था। इससे पहले विपक्षी नेताओं की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस का कार्यक्रम भी रखा गया था।
सोनिया गांधी के राहुल गांधी के आवास पहुंचने को विपक्षी दलों की इस बैठक के महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस नेतृत्व इस कार्यक्रम के माध्यम से सहयोगी दलों के बीच संवाद बढ़ाने और राष्ट्रीय मुद्दों पर एकजुटता कायम रखने का प्रयास कर रहा है।
यह बैठक ऐसे समय आयोजित की गई, जब विपक्षी दल चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस समेत INDIA गठबंधन के कई दलों ने मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। विपक्षी नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
इससे एक दिन पहले सोमवार, 12 अक्टूबर को राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने दिल्ली में 'मार्च फॉर डेमोक्रेसी' आयोजित किया था। इस मार्च में विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं, सांसदों, कार्यकर्ताओं और नागरिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई।
विपक्षी दलों ने एसआईआर प्रक्रिया और चुनावी अनियमितताओं के अपने आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का भी रुख किया है। हालांकि, विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता। चुनाव आयोग और भाजपा ने चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों से इनकार किया है।
राहुल गांधी के आवास पर आयोजित बैठक में इन मुद्दों पर विपक्ष की आगे की रणनीति को लेकर विचार-विमर्श होने की संभावना जताई गई। विशेष रूप से कथित वोट चोरी के आरोपों, मतदाता सूची संशोधन और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों के संयुक्त कार्यक्रमों पर चर्चा अपेक्षित थी।
इस बैठक में प्रमुख छात्र संगठनों और नागरिक संगठनों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किए जाने को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे विपक्ष के राजनीतिक संवाद में सांसदों और दलों के अतिरिक्त अन्य संगठनों की भागीदारी का अवसर मिला है। हालांकि, बैठक में लिए गए किसी अंतिम फैसले की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
राजनीतिक दृष्टि से यह हाई-टी कार्यक्रम विपक्षी दलों के बीच नियमित संवाद बनाए रखने की पहल के रूप में सामने आया है। INDIA गठबंधन में शामिल विभिन्न दलों के अपने क्षेत्रीय मुद्दे और राजनीतिक प्राथमिकताएं हैं। ऐसे में राष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त विरोध कार्यक्रमों और संसद के आगामी सत्रों की तैयारी के लिए आपसी बातचीत को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कांग्रेस नेतृत्व केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी दलों के साथ मिलकर अपनी बात उठाने की कोशिश कर रहा है। राहुल गांधी की इस बैठक को भी इसी सिलसिले की एक कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
फिलहाल बैठक में शामिल नेताओं के बीच हुई चर्चा और आगे के कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। सोनिया गांधी की मौजूदगी और विपक्षी नेताओं की भागीदारी ने इस बैठक को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना दिया है।