नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एकीकृत ऊर्जा कंपनियों में शामिल एनटीपीसी लिमिटेड ने नई दिल्ली स्थित स्कोप कॉम्प्लेक्स में अपने तीन महीने लंबे ‘सतर्कता जागरूकता अभियान 2026’ का औपचारिक शुभारंभ किया। यह राष्ट्रव्यापी अभियान 17 अगस्त से 16 नवंबर 2026 तक चलेगा। अभियान का उद्देश्य संगठन में सतर्कता, पारदर्शिता, जवाबदेही और सत्यनिष्ठा की संस्कृति को और मजबूत करना है।
अभियान का शुभारंभ एनटीपीसी की मुख्य सतर्कता अधिकारी (CVO) रश्मिता झा (IRS) ने किया। कार्यक्रम के दौरान कंपनी के सतर्कता तंत्र को अधिक प्रभावी बनाने और कर्मचारियों के बीच नैतिक कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
सीवीओ ने किया नए इंट्रानेट पेज का अनावरण
शुभारंभ समारोह में सीवीओ रश्मिता झा ने एनटीपीसी के नवीनीकृत कॉर्पोरेट सतर्कता इंट्रानेट पेज का भी अनावरण किया। नए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्देश्य कर्मचारियों तक सतर्कता से संबंधित सूचनाएं और संसाधन अधिक आसानी से पहुंचाना है।
इंट्रानेट पेज के माध्यम से कर्मचारियों को संगठन की सतर्कता संबंधी नीतियों, प्रक्रियाओं और जागरूकता गतिविधियों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। डिजिटल माध्यमों के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए इस पहल को संस्थागत सतर्कता व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ है अभियान की थीम
वर्ष 2026 के सतर्कता जागरूकता अभियान की मूल थीम केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) द्वारा निर्धारित ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ है। इस थीम के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है कि किसी भी संस्थान की दीर्घकालिक सफलता केवल आर्थिक उपलब्धियों से नहीं, बल्कि उसकी कार्यप्रणाली में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही से भी तय होती है।
एनटीपीसी ने अभियान के दौरान संस्थागत प्रक्रियाओं को मजबूत करने और कर्मचारियों को सतर्कता संबंधी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने की योजना बनाई है।
पांच प्रमुख प्राथमिकताओं पर रहेगा फोकस
अभियान के तहत संस्थागत पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए पांच प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। इन प्राथमिकताओं के जरिए संगठन के भीतर जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान, प्रक्रियाओं में सुधार और भ्रष्टाचार की संभावनाओं को कम करने पर जोर रहेगा।
सतर्कता जागरूकता अभियान का उद्देश्य केवल नियमों के उल्लंघन की पहचान करना नहीं है, बल्कि ऐसी व्यवस्था तैयार करना भी है, जिसमें अनियमितताओं की संभावना पहले ही कम की जा सके।
कर्मचारियों की भागीदारी महत्वपूर्ण
एनटीपीसी जैसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के संगठन में हजारों कर्मचारी और अधिकारी विभिन्न स्तरों पर काम करते हैं। ऐसे में सतर्कता व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी जरूरी मानी जाती है।
अभियान के दौरान कर्मचारियों को अपने दैनिक कामकाज में पारदर्शिता और नैतिकता को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही, उन्हें नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि के प्रति सजग रहने का संदेश दिया जाएगा।
सतर्कता जागरूकता का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना भी है कि संगठन में निर्णय लेने की प्रक्रिया स्पष्ट और जवाबदेह हो।
तकनीक के इस्तेमाल से बढ़ेगी पारदर्शिता
एनटीपीसी के नए कॉर्पोरेट सतर्कता इंट्रानेट पेज का शुभारंभ अभियान की डिजिटल पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से सतर्कता से संबंधित जानकारी को अधिक व्यवस्थित तरीके से कर्मचारियों तक पहुंचाया जा सकता है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म कर्मचारियों को जरूरी दिशानिर्देश और संबंधित सामग्री तक आसान पहुंच उपलब्ध कराने में मदद कर सकते हैं। इससे सतर्कता संबंधी प्रक्रियाओं को समझने और उनके पालन में भी सुविधा होगी।
राष्ट्रव्यापी स्तर पर चलेगा अभियान
एनटीपीसी का यह अभियान केवल कॉर्पोरेट कार्यालय तक सीमित नहीं रहेगा। 17 अगस्त से 16 नवंबर 2026 तक चलने वाला यह अभियान देशभर में कंपनी की विभिन्न इकाइयों और कार्यालयों में सतर्कता जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया जाएगा।
तीन महीने की अवधि में कर्मचारियों के बीच सत्यनिष्ठा और पारदर्शिता के महत्व को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित किए जाने की योजना है।
इसका उद्देश्य संगठन के अलग-अलग स्तरों पर सतर्कता के प्रति साझा जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ संस्थागत दृष्टिकोण
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में सतर्कता व्यवस्था का महत्व काफी अधिक है। बड़े स्तर पर होने वाली खरीद, परियोजनाओं, ठेकों और प्रशासनिक निर्णयों में पारदर्शिता बनाए रखना संगठन की विश्वसनीयता के लिए आवश्यक होता है।
ऐसे में सतर्कता जागरूकता अभियान को केवल एक वार्षिक औपचारिक गतिविधि के बजाय संस्थागत कार्य संस्कृति का हिस्सा बनाने पर जोर दिया जा रहा है। एनटीपीसी की पहल भी इसी व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाती है।
‘सत्यनिष्ठा’ को कार्य संस्कृति का हिस्सा बनाने का प्रयास
एनटीपीसी के अभियान का मुख्य संदेश यह है कि सत्यनिष्ठा केवल व्यक्तिगत नैतिकता का विषय नहीं है, बल्कि यह किसी भी बड़े संस्थान की कार्यप्रणाली का आधार होनी चाहिए। पारदर्शी प्रक्रियाएं और जवाबदेह निर्णय संगठन में विश्वास बढ़ाने में मदद करते हैं।
‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ की थीम इसी विचार को आगे बढ़ाती है कि ईमानदार और पारदर्शी व्यवस्था से संगठन और समाज दोनों को दीर्घकालिक लाभ मिलता है।
तीन महीने तक चलेगा जागरूकता अभियान
एनटीपीसी का सतर्कता जागरूकता अभियान 2026 17 अगस्त से शुरू होकर 16 नवंबर तक चलेगा। अभियान के दौरान कर्मचारियों को सतर्कता संबंधी नियमों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ संस्थागत प्रक्रियाओं को और बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाएगा।
सीवीओ रश्मिता झा द्वारा अभियान का शुभारंभ और नवीनीकृत कॉर्पोरेट सतर्कता इंट्रानेट पेज का अनावरण इस पहल के प्रमुख पड़ाव रहे। एनटीपीसी का यह प्रयास संगठन के भीतर पारदर्शिता, जवाबदेही और सत्यनिष्ठा को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।