Noida: ग्रेटर नॉएडा में जाम कम करने के लिए मेट्रो का संचालन की मांग

पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी

Update: 2024-07-12 04:29 GMT

नोएडा: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में जाम की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है. ऐसी स्थिति तब है जब शहर अभी पूरी तरह से बसा नहीं है. बसावट बढ़ने के बाद जाम के हालात और खराब होंगे. ऐसे में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था सुगम रूप से चले, इसके लिए मेट्रो ग्रेटर नोएडा वेस्ट की जरूरत है. यहां के लाखों निवासी मेट्रो चलने के इंतजार में हैं, लेकिन वह खत्म ही नहीं हो रहा. यहां मेट्रो चलने पर सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा, पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी.

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सौ से अधिक सोसाइटियों में इस समय लगभग पांच लाख आबादी रह रही है. ग्रेनो वेस्ट अभी पूरी तरह से बसा भी नहीं है. आम्रपाली जैसी बड़ी परियोजनाओं के पूरा होने पर यहां आबादी और बढ़ेगी. इस इलाके में भी जाम बड़ी समस्या है. यहां रहने वाली बड़ी आबादी नौकरीपेशा है. लंबे समय के बाद भी यहां सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था न होने से खुद के वाहन ही लोगों सहारा है. ऐसे में यहां की सड़कों पर सुबह-शाम जाम की स्थिति बनी रहती है. कई- कई बार तो काफी लंबा जाम लग जाता है. जाम की इस समस्या का समाधान सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था से काफी हद तक हो जाएगा. इसमें मेट्रो की सबसे अहम भूमिका होगी.

यहां आशियाना बना चुके लोग भविष्य की चुनौतियों को लेकर चिंतित हैं. लोगों का कहना है कि सरकार को सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विशेषकर मेट्रो की दिशा में गंभीरता से काम करना होगा. उन्होंने मेट्रो के न होने से अपनी परेशानी गिनाते हुए परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने की मांग की.

नोएडा, दिल्ली और गुरुग्राम में कार्यरत लोगों को होगी सुविधा सार्वजनिक परिवहन के रूप में मेट्रो को सबसे ज्यादा सुगम और सुरक्षित माना जाता है. एक्वा लाइन का विस्तार करते हुए ग्रेटर नोएडा वेस्ट में मेट्रो का संचालन होने पर नोएडा, दिल्ली और गुरुग्राम में नौकरी करने वालों को सबसे ज्यादा सुविधा होगी. अभी परिवहन की कोई उचित व्यवस्था न होने से वे मजबूरी में खुद के वाहन से जाते हैं. मेट्रो के संचालन पर ज्यादातर लोग ऑफिस जाने के लिए इसी का इस्तेमाल करेंगे. इससे न सिर्फ सड़कों पर दबाव कम होगा बल्कि जाम से भी राहत मिलेगी.

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