संसद मार्ग हिंसा केस में नई कार्रवाई, तीन दलों पर आरोप, FIR के बाद जांच शुरू
AAP, सपा और भीम आर्मी के खिलाफ FIR, जांच स्पेशल सेल को
नई दिल्ली : दिल्ली के संसद मार्ग पर हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने आम आदमी पार्टी (AAP), समाजवादी पार्टी (सपा) और भीम आर्मी से जुड़े लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। पुलिस ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने में इन संगठनों और राजनीतिक समूहों की भूमिका रही। मामले की जांच अब दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को सौंपी गई है।
हिंसा और उपद्रव को लेकर दर्ज हुआ मामला
पुलिस के अनुसार, संसद मार्ग क्षेत्र में प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी थी। जांच एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि हिंसा की शुरुआत कैसे हुई, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और क्या इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश थी।
FIR में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और वीडियो फुटेज, सोशल मीडिया पोस्ट तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
स्पेशल सेल करेगी जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को दी गई है। स्पेशल सेल प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम, संदिग्ध गतिविधियों और आरोपों की विस्तृत जांच करेगी।
जांच एजेंसी मौके पर मौजूद लोगों के बयान दर्ज करने के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का विश्लेषण करेगी।
राजनीतिक दलों पर लगे आरोप
पुलिस की कार्रवाई के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। जिन दलों और संगठनों के नाम FIR में शामिल किए गए हैं, उनसे जुड़े नेताओं ने आरोपों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है और जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।
वहीं, पुलिस का कहना है कि कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है और जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।
कानून व्यवस्था पर प्रशासन की नजर
संसद मार्ग दिल्ली का बेहद संवेदनशील क्षेत्र है, जहां अक्सर राजनीतिक प्रदर्शन और रैलियां होती हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां इस क्षेत्र में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतती हैं।
प्रशासन ने कहा है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं राजनीतिक दलों का रुख और आरोप-प्रत्यारोप आने वाले दिनों में इस मामले को और तूल दे सकते हैं।