New Delhi: रेलवे ने इंटरलॉकिंग परियोजना को दी मंजूरी, 226 करोड़ की रेलवे परियोजना को मिली मंजूरी

13 स्टेशनों की सिग्नल प्रणाली होगी आधुनिक

Update: 2026-07-02 03:48 GMT

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) के रायपुर मंडल के दुर्ग-तारोकी खंड के 13 स्टेशनों पर 226 करोड़ रुपये की लागत से इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (ईआई) प्रणाली स्थापित करने की मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य सिग्नलिंग व्यवस्था का आधुनिकीकरण, रेल परिचालन की सुरक्षा बढ़ाना और ट्रेनों के संचालन को अधिक विश्वसनीय एवं दक्ष बनाना है।

रेल मंत्रालय के अनुसार इस परियोजना के तहत मौजूदा पैनल इंटरलॉकिंग (पीआई) प्रणाली को अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (ईआई) से बदला जाएगा। इससे ट्रेन संचालन अधिक सुरक्षित, तकनीक आधारित और भरोसेमंद बनेगा।

परियोजना के अंतर्गत रायपुर मंडल के मरौडा, रिसमा, गुंडार्देही, लाटाबोर, बलोद, कुसुमकासा, दल्लीराजहरा, गुडम, भानुप्रतापपुर, केवटी, अंतागढ़, तारोकी तथा रायपुर स्टोर डिपो में इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली स्थापित की जाएगी।

रेल मंत्रालय ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग अत्याधुनिक सिग्नलिंग तकनीक है, जो रूट सेटिंग और सिग्नल संचालन को स्वचालित बनाती है तथा उन्नत सुरक्षा सुविधाओं से लैस होती है। इसके लागू होने से सिग्नलिंग संबंधी खराबियों की संभावना कम होगी, व्यवधान की स्थिति में सेवाओं की बहाली तेज होगी और परिचालन दक्षता में उल्लेखनीय सुधार आएगा।

परियोजना से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे नेटवर्क पर यात्री और माल यातायात की बढ़ती मांग को अधिक प्रभावी ढंग से संभालने में मदद मिलेगी। साथ ही ट्रेनों की समयबद्धता, सुरक्षा और परिचालन की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।

रेल मंत्रालय ने कहा कि यह मंजूरी भारतीय रेलवे द्वारा देशभर में सिग्नलिंग प्रणाली के आधुनिकीकरण के लिए चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है। उन्नत तकनीकों के माध्यम से रेलवे नेटवर्क को अधिक सुरक्षित, स्मार्ट और दक्ष बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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