NEW DELHI नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव में मिली जीत से उत्साहित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं ने अगले दो सालों में होने वाले सभी राज्यों के चुनाव साथ मिलकर लड़ने का फैसला किया है। गुरुवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के शपथ ग्रहण के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में एनडीए के सभी नेताओं और मुख्यमंत्रियों की बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा भी शामिल हुए। एनडीए की पहली चुनौती इस साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव होंगे। राज्य में एनडीए गठबंधन फिलहाल सत्ता में है और सूत्रों से पता चलता है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चुनावों में एनडीए गठबंधन का नेतृत्व करेंगे।
पश्चिम बंगाल, असम, उत्तर प्रदेश और पंजाब समेत अन्य राज्यों में भी अगले दो सालों में चुनाव होने हैं। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और बिहार भाजपा के प्रभारी विनोद तावड़े ने कहा, "एनडीए नेताओं ने अगले दो सालों में होने वाले विधानसभा चुनावों में मजबूती और एकजुटता के साथ मिलकर लड़ने का संकल्प लिया है।" बैठक में भाजपा और एनडीए शासित अधिकांश राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भाग लिया। इस बैठक में एकता और सौहार्द की भावना देखने को मिली। नेताओं ने देश को पीएम मोदी के “विकसित भारत” के सपने की ओर ले जाने के लिए मिलकर काम करने के महत्व पर जोर दिया। बैठक में बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उनके उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा समेत अन्य शीर्ष नेता मौजूद थे।