देशभर में मादक पदार्थों (Narcotics) पर कड़ी लगाम लगाने के लिए आज यानी सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) की अध्यक्षता में नारको को-ऑर्डिनेशन सेंटर (Narco Co-ordination Centre) की तीसरी बैठक हुई. इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री की ओर से अनेक महत्वपूर्ण और बड़े फैसले लिए गए. इनमें यह भी शामिल है कि नारकोटिक्स के बढ़ते व्यापार में डार्क नेट और क्रिप्टो करेंसी के प्रभाव को रोकने के लिए एक प्रभावी तंत्र बनाया जाएगा.

इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) के अलावा केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला और खुफिया ब्यूरो निदेशक अरविंद कुमार समेत अनेक बड़े अधिकारी शामिल थे. इस बैठक में मादक पदार्थों की तस्करी उपयोग और अन्य मानकों पर विचार विमर्श करते हुए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. इसमें ये भी शामिल है कि सभी राज्य, DGP के अधीन डेडीकेटेड एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) का गठन करें, जो State NCORD के सचिवालय का कार्य करें.
केंद्रीय NCORD इकाई के गठन के निर्देश
राष्ट्रीय स्तर पर NCB के अंतर्गत केंद्रीय NCORD इकाई के गठन के भी निर्देश दिए गए. नारकोटिक्स प्रशिक्षण मॉड्यूल, राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया जाए, जिससे पुलिस, CAPF कर्मियों, प्रॉसिक्यूटर्स और विभिन्न सिविल डिपार्टमेंट के लोगों को प्रशिक्षित किया जा सके.
दोहरे उपयोग वाले Precursor केमिकल्स का दुरुपयोग रोकने हेतु एक स्थायी इंटर मिनिस्ट्रियल कमेटी का गठन किया जाएगा, जिसका संचालन मिनिस्ट्री ऑफ केमिकल एंड फर्टिलाइजर की ओर से किया जाए और इसमें गृह मंत्रालय से NCB और राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय के प्रतिनिधि को भी रखा जाए.
प्रिस्क्रिप्शन दवाओं के दुरुपयोग को रोकने पर
बैठक में निर्णय लिया गया कि दोहरे उपयोग वाली प्रिस्क्रिप्शन दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत स्थाई इंटर मिनिस्ट्रियल कमेटी के गठन हो, जिसमें दवाइयों से संबंधित विभागों के अलावा गृह मंत्रालय से NCB और इंडस्ट्री से संबंधित विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाए.
नौसेना, पोर्ट अथॉरिटी और कोस्ट गार्ड के सदस्य हों शामिल
बैठक में कहा गया कि यह भी देखा गया है कि मादक पदार्थ तटीय राज्यों से भी आते हैं. लिहाजा यह प्रयास किया जाए कि इन बैठकों में सभी तटीय राज्यों एवं संघ शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों के अलावा नौसेना, पोर्ट अथॉरिटी और कोस्ट गार्ड को भी बतौर मेंबर शामिल किया जाए, जिससे इस मसले पर प्रभावी ढंग से कार्रवाई हो सके. सभी बंदरगाहों चाहे सरकारी हो या निजी पर आने एवं जाने वाले कंटेनर की एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच की जाए और जांच के लिए कंटेनर स्कैनर्स संबंधित उपकरणों के प्रबंध के निर्देश दिए.
विशेष यूनिट की सुविधा कराई जाए उपलब्ध
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से लिए गए निर्णय के मुताबिक, राष्ट्रीय स्तर पर नार्को-कैनाइन पूल (Narco-Canine Pool) विकसित करने के भी निर्देश दिए गए. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और नेशनल सिक्योरिटी गार्ड के साथ समन्वय कर एक नीति बनाए, जिसके तहत राज्य पुलिस को भी आवश्यकतानुसार एक विशेष यूनिट की सुविधा उपलब्ध कराई जाए.
डार्क-नेट और क्रिप्टो-करेंसी के बढ़ते उपयोग
केंद्रीय स्तर पर समेकित NCORD पोर्टल का गठन किया जाए, जो विभिन्न संस्थाओं/एजेंसियों के मध्य, सूचना-विनिमय के लिए प्रभावी तंत्र का काम करेगा. नारकोटिक्स के व्यापर में Dark-net और Crypto-currency के बढ़ते उपयोग को रोकने हेतु एक प्रभावी तंत्र का निर्माण किया जाएगा.
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि ड्रोन सैटेलाइट और अन्य संसाधनों द्वारा अवैध ड्रग्स की खेती की रोकथाम की जाएगी. साथ ही नशे के विरुद्ध जागरूकता अभियान का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए. उन्होंने नशा मुक्ति केंद्र की स्थापना करने के भी निर्देश दिए.


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