नई दिल्ली : विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय शिक्षक दिवस समारोह में कर्नाटक के चार उत्कृष्ट शिक्षकों को प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। इस सम्मान के साथ राज्य के शिक्षा क्षेत्र का गौरव बढ़ा है।
शनिवार को आयोजित भव्य समारोह में देशभर के चुनिंदा शिक्षकों को भारत के सर्वोच्च शिक्षक सम्मान से नवाजा गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विभिन्न राज्यों से चुने गए शिक्षकों को पुरस्कार प्रदान किए, जिसमें कर्नाटक के चार शिक्षक भी शामिल रहे।
विज्ञान भवन में हुआ सम्मान समारोह
राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शिक्षकों को पुरस्कार प्रदान करते हुए उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों को 50 हजार रुपये की नकद राशि, रजत पदक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
कर्नाटक के चार शिक्षकों को मिला सम्मान
इस वर्ष कर्नाटक के चार शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चुना गया था।
इनमें शिवमोग्गा जिले के तीर्थहल्ली होसनगर तालुक स्थित समतगढ़ सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका रत्नाकुमारी एस. भी शामिल हैं।
रत्नाकुमारी एस. प्राथमिक विद्यालय स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करने वाली कर्नाटक की एकमात्र शिक्षिका बनीं।
ग्रामीण शिक्षा में योगदान के लिए सम्मान
रत्नाकुमारी एस. ने प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में अपने बेहतर कार्यों और नवाचारों के लिए यह सम्मान हासिल किया।
सरकारी विद्यालय में रहते हुए उन्होंने बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाने, सीखने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने और स्कूल के माहौल को सकारात्मक बनाने के लिए कई प्रयास किए।
उनके योगदान को देखते हुए उन्हें देश के प्रतिष्ठित शिक्षक सम्मान के लिए चुना गया।
बेंगलुरु के तीन शिक्षकों का भी चयन
कर्नाटक के अन्य तीन पुरस्कार विजेता शिक्षक बेंगलुरु से हैं।
ये शिक्षक वरिष्ठ छात्रों और कॉलेज स्तर के विद्यार्थियों के मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपने नवाचार, विद्यार्थियों के विकास और बेहतर शिक्षण पद्धतियों के माध्यम से विशेष पहचान बनाई है।
शिक्षा क्षेत्र के लिए गौरव का पल
कर्नाटक के चार शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना राज्य के शिक्षा क्षेत्र के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है।
राज्य के शिक्षा विभाग और अधिकारियों ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों को बधाई दी और उनके योगदान की सराहना की।
अधिकारियों का कहना है कि ऐसे सम्मान अन्य शिक्षकों को भी बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं।
शिक्षकों की भूमिका पर जोर
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार समारोह में शिक्षकों की भूमिका और उनके योगदान को विशेष महत्व दिया गया।
शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और भविष्य को दिशा देने का काम करते हैं।
इसी सोच के साथ हर साल देशभर से उत्कृष्ट शिक्षकों का चयन किया जाता है।
विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में योगदान
पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए प्रेरणा और जिम्मेदारी दोनों है।
उन्होंने कहा कि उनका प्रयास हमेशा विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का रहेगा।
कर्नाटक के इन चार शिक्षकों की उपलब्धि ने राज्य के शिक्षा क्षेत्र को नई पहचान दी है। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के माध्यम से उनके समर्पण, मेहनत और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है।