नई दिल्ली: CJP कार्यकर्ता अभिजीत दिपके को सशर्त जमानत मिलने के बाद उनके परिवार ने राहत की सांस ली है। उनकी मां अनीता दिपके ने शनिवार को कहा कि बेटे की अचानक गिरफ्तारी के बाद से पूरा परिवार मानसिक तनाव से गुजर रहा था। परिवार अभी अभिजीत की दादी के निधन के दुख से उबर भी नहीं पाया था कि उनकी गिरफ्तारी की खबर ने सभी को परेशान कर दिया। अनीता ने बेटे को जमानत मिलने पर राहत जताते हुए उसकी गिरफ्तारी और उसके खिलाफ की गई कार्रवाई पर सवाल उठाए।समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में अनीता दिपके ने कहा कि परिवार के लिए यह समय बेहद मुश्किल रहा। उन्होंने बताया कि अभिजीत की दादी का निधन हुए अभी 10 दिन भी नहीं हुए थे और इसी बीच परिवार को उसकी गिरफ्तारी की जानकारी मिली। अचानक आई इस खबर से घर के सभी लोग चिंतित हो गए। अनीता के मुताबिक, परिवार पहले से ही शोक में था और इस घटनाक्रम ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी।
'वह तो अच्छे काम कर रहा था, फिर बार-बार गिरफ्तार क्यों करते हैं?'
अनीता दिपके ने अपने बेटे के खिलाफ की गई कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह उनके अनुसार अच्छे काम कर रहा था। उन्होंने पूछा कि सरकार उसे बार-बार गिरफ्तार क्यों करती है। मां के इस बयान में बेटे की गिरफ्तारी को लेकर नाराजगी के साथ परिवार की चिंता भी सामने आई।अनीता ने कहा, "हम बहुत परेशान थे। उनकी दादी के निधन को अभी 10 दिन भी नहीं हुए थे कि कल हमें पता चला कि उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। हम सब बहुत ज्यादा परेशान थे। ऐसा कैसे हो सकता है? वह तो अच्छे काम कर रहा था। सरकार उसे बार-बार गिरफ्तार क्यों करती है?"उन्होंने यह भी बताया कि परिवार अभिजीत की सुरक्षा और उसकी स्थिति को लेकर चिंतित था। अचानक गिरफ्तारी की खबर मिलने के बाद घर में सभी लोग मानसिक दबाव में आ गए थे। अब सशर्त जमानत मिलने के बाद परिवार को कुछ राहत महसूस हो रही है।
दिल्ली में प्रदर्शन से पहले हुई थी गिरफ्तारी
अभिजीत दिपके को दिल्ली में प्रस्तावित 'लहरा दो तिरंगा' मार्च से पहले पुलिस ने हिरासत में लिया था। यह कार्यक्रम कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में आयोजित करने की योजना से जुड़ा था। पुलिस ने कार्यक्रम को लेकर जारी निषेधात्मक निर्देशों का उल्लंघन किए जाने की आशंका के बीच कार्रवाई की थी।रिपोर्टों के मुताबिक, अभिजीत को शुक्रवार, 16 अक्टूबर को हिरासत में लिया गया और शनिवार, 17 अक्टूबर को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। इसके बाद उन्हें सशर्त जमानत दे दी गई। जमानत की प्रक्रिया में उनसे शांति बनाए रखने से संबंधित बॉन्ड पर हस्ताक्षर कराए गए।
सशर्त जमानत के बाद परिवार को राहत
अभिजीत दिपके की मां का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद परिवार जिस मानसिक तनाव से गुजर रहा था, उसे शब्दों में बताना मुश्किल है। एक ओर घर में हाल ही में हुए निधन का दुख था, तो दूसरी ओर बेटे की गिरफ्तारी की खबर ने चिंता बढ़ा दी। ऐसे समय में जमानत मिलने से परिवार को राहत मिली है।अनीता के बयान से यह भी स्पष्ट होता है कि किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी का असर केवल उस व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके परिवार के सदस्य भी भावनात्मक और मानसिक दबाव का सामना करते हैं। खासकर जब परिवार किसी करीबी के निधन के शोक से गुजर रहा हो, तब अचानक सामने आने वाली ऐसी खबरें मुश्किलें बढ़ा सकती हैं।हालांकि, अभिजीत दिपके की गिरफ्तारी को लेकर उनकी मां ने जो सवाल उठाए हैं, वे परिवार का पक्ष हैं। पुलिस की कार्रवाई और जमानत की शर्तें अलग कानूनी पहलू हैं। सशर्त जमानत मिलने का अर्थ है कि अभिजीत को निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा।फिलहाल, जमानत के बाद अनीता दिपके ने राहत जताई है और परिवार के कठिन समय का जिक्र किया है। उनके बयान में बेटे के प्रति चिंता, हाल ही में हुए पारिवारिक शोक और गिरफ्तारी के बाद पैदा हुए तनाव की झलक दिखाई देती है।
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