दिल्ली में केंद्रीय जेल तिहाड़ और कारागार मुख्यालय में दो ऐतिहासिक पहल, मंत्री आशीष सूद ने किया उद्घाटन
Delhi दिल्ली: कारागार और जेल मंत्री आशीष सूद ने आज कहा कि राजधानी में दो ऐतिहासिक पहल एक साथ हुई हैं। सुबह तिहाड़ केंद्रीय जेल नंबर 7 में नए गौशाला का उद्घाटन किया गया, जबकि उसी दिन कारागार मुख्यालय में नई आईसीटी (ICT) पहल की शुरुआत भी हुई। मंत्री ने इसे केवल प्रशासनिक योजनाओं के रूप में नहीं बल्कि नई सोच की घोषणा के रूप में बताया।
मंत्री आशीष सूद ने कहा कि नई आईसीटी पहल से जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी। इसके तहत जेलों में रिकॉर्ड प्रबंधन, कैदियों की निगरानी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में डिजिटल तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन पहलों का उद्देश्य जेल प्रणाली को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।
उन्होंने कहा कि तिहाड़ जेल में गौशाला का निर्माण भी एक महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल से कैदियों को पशुपालन और कृषि गतिविधियों के जरिए व्यवहारिक प्रशिक्षण मिलेगा। मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि जेल परिसर में ऐसे कार्यक्रमों को बढ़ावा देने से कैदियों का पुनर्वास आसान होगा और उन्हें सामाजिक जीवन में लौटने के लिए तैयार किया जा सकेगा।
कारागार मुख्यालय में नई आईसीटी पहल के तहत जेल प्रशासन को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से कैदियों और कर्मचारियों की गतिविधियों पर नजर रखने में सुविधा होगी। मंत्री ने कहा कि यह पहल समय की मांग है और इससे जेल प्रशासन को निर्णय लेने में तेजी और कुशलता मिलेगी।
मंत्री आशीष सूद ने अंत में कहा कि ये दोनों पहलें न केवल प्रशासनिक सुधारों का प्रतीक हैं, बल्कि दिल्ली में सुधारात्मक और पुनर्वास केंद्रित जेल नीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को इन पहलों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रेरित किया।