नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में यमुना नदी को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाए गए 'चलो यमुना' अभियान में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। रविवार, 18 अक्टूबर को आयोजित इस विशेष सफाई अभियान में लगभग 35 हजार नागरिकों, छात्रों, स्वयंसेवकों और सरकारी कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। अभियान के तहत यमुना नदी के दोनों किनारों पर 70 स्थानों की सफाई की गई। दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने सोमवार, 19 अक्टूबर को बताया कि इस अभियान के दौरान हजारों किलोग्राम कचरा हटाया गया। उन्होंने कहा कि नदी की सफाई के लिए सरकार के साथ आम नागरिकों की भागीदारी भी बेहद जरूरी है।
एक ही दिन में 70 स्थानों पर चला सफाई अभियान
दिल्ली सरकार के इस विशेष अभियान के तहत यमुना नदी के किनारे स्थित घाटों और आसपास के क्षेत्रों में सफाई की गई।अभियान में वजीराबाद के सूर घाट और सिग्नेचर ब्रिज से लेकर यमुना बाजार, आईटीओ, निजामुद्दीन, सराय काले खां और चिल्ला तक के क्षेत्रों को शामिल किया गया।सफाई अभियान के दौरान नदी किनारे जमा प्लास्टिक, धार्मिक सामग्री, घरेलू कचरा और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को हटाया गया।प्रशासन ने नदी के किनारों पर जमा कचरे को हटाने के लिए सफाई कर्मचारियों के साथ आधुनिक मशीनों का भी इस्तेमाल किया।
76,755 किलो सूखा कचरा हटाया गया
जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह के अनुसार, अभियान के दौरान 76,755 किलोग्राम सूखा कचरा, प्लास्टिक और धार्मिक सामग्री हटाई गई।इसके अतिरिक्त लगभग 9,850 किलोग्राम हरित कचरा और जलकुंभी भी साफ की गई। इस तरह कुल मिलाकर लगभग 86,605 किलोग्राम कचरा हटाए जाने की जानकारी सामने आई है।मंत्री ने कहा कि इतने बड़े स्तर पर चलाए गए अभियान में स्थानीय लोगों और विभिन्न विभागों के संयुक्त प्रयासों से सफाई कार्य पूरा किया गया।
छात्रों और सामाजिक संगठनों ने निभाई अहम भूमिका
अभियान में लगभग 20 हजार नागरिकों और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा करीब 10,500 राजनीतिक कार्यकर्ता, 2,500 विद्यार्थी और 2,000 गैर सरकारी संगठनों के स्वयंसेवक भी शामिल हुए।दिल्ली विश्वविद्यालय के 25 से अधिक कॉलेजों के छात्रों ने अभियान में भागीदारी निभाई। इनमें देशबंधु कॉलेज के 400 से ज्यादा विद्यार्थी भी शामिल थे।छात्रों ने नदी के किनारे सफाई करने के साथ लोगों को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
सफाई के लिए तैनात की गईं आधुनिक मशीनें
इस व्यापक अभियान में सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, लोक निर्माण विभाग, दिल्ली नगर निगम, दिल्ली जल बोर्ड, दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड, दिल्ली पुलिस और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सहित 10 से अधिक विभागों ने हिस्सा लिया।अधिकारियों के अनुसार, सफाई अभियान के लिए 26 जेसीबी मशीनें, 19 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और 24 नावें तैनात की गई थीं।इसके अतिरिक्त सात वीड हार्वेस्टर और ट्रैश स्किमर मशीनों का इस्तेमाल किया गया। लोक निर्माण विभाग की 269 मेंटेनेंस वैन भी अभियान में लगाई गईं।जल मंत्री ने सफाई अभियान में भाग लेने वाले 227 सफाई कर्मचारियों और मशीन ऑपरेटरों के योगदान की सराहना की।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी किया श्रमदान
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को आईटीओ के पास हाथी घाट पर सफाई अभियान में हिस्सा लिया।उन्होंने स्थानीय नागरिकों, युवाओं और सामाजिक संगठनों के सदस्यों के साथ नदी किनारे कचरा हटाया।मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे यमुना नदी में प्लास्टिक, पूजा सामग्री, खंडित मूर्तियां और अन्य कचरा न डालें।उन्होंने कहा कि नदी की स्वच्छता बनाए रखने के लिए लोगों को अपनी आदतों में बदलाव करना होगा।
यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए आगे भी होंगे प्रयास
जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि सरकार यमुना की सफाई के लिए दीर्घकालिक योजनाओं पर भी काम कर रही है।इसके तहत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, सीवर नेटवर्क के विस्तार और नालों से निकलने वाले प्रदूषित पानी के उपचार जैसी परियोजनाओं पर जोर दिया जा रहा है।सरकार के अनुसार, 22 अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली में लगभग 8,941 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का शुभारंभ और शिलान्यास करेंगे, जिनमें यमुना की सफाई से जुड़ी परियोजनाएं भी शामिल होंगी।
यमुना की सफाई में जनभागीदारी जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार, नदी किनारे सफाई अभियान चलाने से जमा कचरे को हटाने में मदद मिलती है। हालांकि, यमुना को स्थायी रूप से स्वच्छ बनाने के लिए अनुपचारित सीवेज, औद्योगिक अपशिष्ट और नालों से आने वाले प्रदूषण को रोकना भी आवश्यक है।दिल्ली सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे यमुना के घाटों को साफ रखें और नदी में किसी भी प्रकार का कचरा न डालें।'चलो यमुना' अभियान ने यह संदेश दिया है कि सरकार, सामाजिक संगठनों और नागरिकों के संयुक्त प्रयासों से नदी संरक्षण की दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जा सकते हैं।
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