दिल्ली SIR के बीच BLO ऐप में ‘Mark VIP’ फीचर, दिग्गजों को नोटिस के बाद बढ़ी चर्चा
नई दिल्ली। दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी समेत कई प्रमुख हस्तियों को नोटिस मिलने के बाद चुनावी सत्यापन प्रक्रिया चर्चा में है। इसी बीच बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले ऐप में ‘Mark VIP’ नाम का फीचर सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक यह सुविधा SIR से गुजर रहे 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में उपलब्ध कराई गई है।
दिल्ली में SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं को उनके विवरण में ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ यानी तार्किक विसंगतियों के कारण नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें कई प्रमुख राजनीतिक और सार्वजनिक हस्तियां भी शामिल हैं। रेखा गुप्ता, अरविंद केजरीवाल, लालकृष्ण आडवाणी के अलावा पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, विदेश मंत्री एस जयशंकर, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू जैसे नाम भी सत्यापन प्रक्रिया में आए हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मामले में मतदाता रिकॉर्ड में उनके और माता-पिता की उम्र के अंतर से जुड़ी विसंगति सामने आई थी। बाद में दस्तावेज और फील्ड वेरिफिकेशन के आधार पर उनकी जानकारी सत्यापित कर दी गई। वहीं अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के कुछ सदस्यों को 2002 की पिछली SIR सूची से मैपिंग नहीं होने के कारण नोटिस मिलने की बात सामने आई थी। नोटिस जारी होने का मतलब मतदाता सूची से नाम स्वतः हटना नहीं है, बल्कि संबंधित मतदाता को विवरण और दस्तावेज सत्यापित करने का अवसर दिया जाता है।
इन घटनाक्रमों के बीच BLO ऐप में ‘Mark VIP’ फीचर की जानकारी सामने आने से इस पर नई बहस शुरू हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि BLO ऐप को 30 जुलाई को इस सुविधा के साथ अपडेट किया गया था। ऐपल के ऐप स्टोर पर 31 जुलाई के अपडेट में भी ‘mark VIP elector related changes’ का उल्लेख दर्ज होने की बात सामने आई है।
इस फीचर के जरिए BLO किसी मतदाता को सत्यापन के दौरान VIP के रूप में चिह्नित कर सकता है। BLO द्वारा मतदाता के घर जाकर सत्यापन करने के बाद संबंधित एंट्री को सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO), निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) और फिर मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के स्तर पर जांचा जाता है। यानी केवल BLO द्वारा ‘VIP’ मार्क कर देने से प्रक्रिया पूरी नहीं होती।
रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में लगभग तीन हजार मतदाता VIP या ‘marked elector’ श्रेणी में आते हैं। इनमें सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य, घोषित पदों पर बैठे लोग तथा न्यायपालिका, सार्वजनिक सेवाओं, कला, संस्कृति, पत्रकारिता और खेल जैसे क्षेत्रों की कुछ प्रमुख हस्तियां शामिल हो सकती हैं।
हालांकि VIP मतदाताओं की पहचान करने की व्यवस्था पूरी तरह नई नहीं बताई जा रही है। चुनाव आयोग के नियमों और मैनुअल में ‘marked electors’ की व्यवस्था पहले से मौजूद है। मार्च 2023 के ‘Manual on Electoral Rolls’ में ऐसे मतदाताओं को चुनावी डेटाबेस में चिह्नित करने का प्रावधान बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार इस तरह की व्यवस्था कम से कम 2018 से चुनाव आयोग के नियमों और मैनुअल का हिस्सा रही है।
अंतर मुख्य रूप से इसे BLO ऐप में डिजिटल सुविधा के रूप में उपलब्ध कराने को लेकर है। दिल्ली और हरियाणा के BLO ने रिपोर्ट में ऐप में यह मॉड्यूल मौजूद होने की पुष्टि की, जबकि पश्चिम बंगाल के BLO से जुड़े एक प्रतिनिधि ने कहा कि नवंबर 2025 में वहां SIR शुरू होने के समय यह फीचर ऐप में नहीं था। इससे इस फीचर के ऐप में जोड़े जाने के समय को लेकर भी चर्चा हुई है।
‘Mark VIP’ का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित मतदाता SIR की जांच या नोटिस प्रक्रिया से बाहर हो जाएगा। नियमों के मुताबिक VIP के रूप में चिह्नित मतदाताओं को भी विसंगति पाए जाने पर नोटिस दिया जा सकता है। यही वजह है कि दिल्ली में कई हाई-प्रोफाइल लोगों को नोटिस मिले। ऐसे मतदाताओं के सत्यापन में अधिकारियों की ओर से सुविधा दी जा सकती है और उन्हें हर स्थिति में व्यक्तिगत रूप से सुनवाई केंद्र पर बुलाना आवश्यक नहीं होता।
इस सुविधा को लेकर मीडिया रिपोर्टों में अलग-अलग आधिकारिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। एक रिपोर्ट में चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों के हवाले से कहा गया कि ‘VIP’ या ‘marked elector’ की अवधारणा पुरानी है। दूसरी ओर एक अन्य रिपोर्ट में चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया के हवाले से कहा गया कि ऐप में ‘Mark VIP’ फीचर जोड़ने के किसी आदेश की जानकारी नहीं है और मामले की जांच की जा रही है। ऐसे में ऐप फीचर के प्रशासनिक आदेश और उसके क्रियान्वयन को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होना अभी बाकी है।
दिल्ली में SIR के दौरान प्रमुख लोगों को नोटिस मिलने के बाद यह मामला इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि सत्यापन प्रणाली में दर्ज विसंगतियां आम मतदाताओं के साथ हाई-प्रोफाइल मतदाताओं के रिकॉर्ड में भी सामने आईं। चुनाव अधिकारियों का कहना है कि नोटिस मिलने वाले मतदाताओं के दस्तावेज और तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है और प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र मतदाताओं के नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।
फिलहाल ‘Mark VIP’ फीचर को लेकर मुख्य सवाल यह है कि ऐप में इसे किस प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत और कब लागू किया गया। उपलब्ध रिपोर्टों से इतना स्पष्ट है कि चुनाव आयोग के मैनुअल में प्रमुख मतदाताओं को ‘marked electors’ के रूप में चिह्नित करने की व्यवस्था पहले से मौजूद है, जबकि BLO ऐप में इसके डिजिटल फीचर के रूप में आने का अपडेट जुलाई 2026 में दर्ज हुआ। दिल्ली SIR में प्रमुख हस्तियों को नोटिस मिलने के बाद अब इस व्यवस्था के इस्तेमाल और उसके उद्देश्य पर सार्वजनिक चर्चा तेज हो गई है।