दिल्ली के सरकारी अस्पताल की बड़ी छलांग पहली रोबोटिक घुटना सर्जरी सफल
दिल्ली के इस प्रमुख सरकारी अस्पताल में रोबोटिक घुटना प्रत्यारोपण की शुरुआत चिकित्सा जगत में एक नई मिसाल
नई दिल्ली : दिल्ली के वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (VMMC) और सफदरजंग अस्पताल ने चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल के केंद्रीय हड्डी रोग संस्थान में पहली बार रोबोट-असिस्टेड टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। इस अत्याधुनिक तकनीक से घुटना प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू होने के बाद मरीजों को अधिक सटीक और आधुनिक उपचार मिल सकेगा।
यह सफल सर्जरी 75 वर्षीय एक मरीज की की गई, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं। खास बात यह रही कि आयुष्मान भारत योजना के तहत यह घुटना प्रत्यारोपण मुफ्त में किया गया। इस उपलब्धि के साथ सफदरजंग अस्पताल सरकारी क्षेत्र के उन चुनिंदा संस्थानों में शामिल हो गया है, जहां रोबोटिक ऑर्थोपेडिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध हो गई है।
रोबोटिक तकनीक से बढ़ेगी सर्जरी की सटीकता
रोबोट-असिस्टेड घुटना प्रत्यारोपण में डॉक्टरों को सर्जरी से पहले बेहतर योजना बनाने में मदद मिलती है। इस तकनीक के जरिए घुटने के जोड़ की स्थिति, हड्डियों की संरचना और इम्प्लांट की सही जगह तय करने में अधिक सटीकता आती है। पारंपरिक सर्जरी की तुलना में रोबोटिक तकनीक से प्रत्यारोपण के एलाइनमेंट को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है। इससे मरीजों को बेहतर मूवमेंट और लंबे समय तक टिकाऊ परिणाम मिलने की संभावना बढ़ती है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने किया ऑपरेशन
सफदरजंग अस्पताल में हुई इस ऐतिहासिक सर्जरी का नेतृत्व केंद्रीय हड्डी रोग संस्थान की विशेषज्ञ टीम ने किया। ऑपरेशन में ऑर्थोपेडिक सर्जन, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ और तकनीकी टीम ने मिलकर काम किया। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि इस तकनीक की शुरुआत से अब जटिल घुटना प्रत्यारोपण मामलों को भी अधिक आधुनिक तरीके से किया जा सकेगा।
भविष्य में हिप रिप्लेसमेंट और अन्य सर्जरी भी संभव
अस्पताल में लगाया गया रोबोटिक प्लेटफॉर्म भविष्य में और भी उन्नत सर्जरी के लिए उपयोग किया जा सकेगा। इसके माध्यम से टोटल नी रिप्लेसमेंट के अलावा पार्शियल नी रिप्लेसमेंट और हिप ज्वाइंट रिप्लेसमेंट जैसी प्रक्रियाएं भी की जा सकेंगी। तकनीक और सॉफ्टवेयर अपग्रेड होने के बाद अन्य रोबोटिक सर्जरी की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
गरीब मरीजों को मिलेगा फायदा
सरकारी अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू होने से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बड़ा लाभ मिलेगा। निजी अस्पतालों में महंगी होने वाली ऐसी अत्याधुनिक सर्जरी अब सरकारी व्यवस्था के तहत भी उपलब्ध हो सकेगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में यह कदम भारत में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को आम लोगों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चिकित्सा क्षेत्र में नई शुरुआत
सफदरजंग अस्पताल की यह उपलब्धि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी बदलाव का संकेत है। रोबोटिक तकनीक से होने वाली सर्जरी भविष्य में मरीजों के इलाज को और सुरक्षित, सटीक और प्रभावी बनाने में मदद कर सकती है। दिल्ली के इस प्रमुख सरकारी अस्पताल में रोबोटिक घुटना प्रत्यारोपण की शुरुआत चिकित्सा जगत में एक नई मिसाल के तौर पर देखी जा रही है।