नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने रक्षा मंत्रालय में प्रशासनिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह के कार्यकाल को एक साल के लिए बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने शनिवार को उनके सेवा विस्तार के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। इस फैसले के बाद राजेश कुमार सिंह अब 31 अक्टूबर 2027 तक या अगले आदेश जारी होने तक, जो भी पहले हो, रक्षा सचिव के पद पर बने रहेंगे। उनका मौजूदा कार्यकाल 31 अक्टूबर 2026 को समाप्त होने वाला था।केंद्र सरकार के इस निर्णय को रक्षा मंत्रालय में प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। रक्षा सचिव के रूप में राजेश कुमार सिंह मंत्रालय के प्रशासनिक कार्यों, नीतिगत निर्णयों और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने दी मंजूरी
सरकार की ओर से जारी औपचारिक सूचना के अनुसार, कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने राजेश कुमार सिंह के कार्यकाल को 31 अक्टूबर 2026 के बाद एक वर्ष के लिए बढ़ाने की मंजूरी दी है। वह भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1989 बैच के केरल कैडर के अधिकारी हैं।आधिकारिक आदेश में स्पष्ट किया गया है कि उनका नया कार्यकाल 31 अक्टूबर 2027 तक प्रभावी रहेगा। हालांकि, यदि केंद्र सरकार इससे पहले कोई नया आदेश जारी करती है, तो उसके अनुसार उनके कार्यकाल में बदलाव किया जा सकता है।इस फैसले के साथ ही रक्षा मंत्रालय में शीर्ष प्रशासनिक पद पर फिलहाल बदलाव की संभावना समाप्त हो गई है। राजेश कुमार सिंह अपने वर्तमान दायित्वों का निर्वहन जारी रखेंगे।
विशेष नियमों में छूट देकर बढ़ाया गया कार्यकाल
राजेश कुमार सिंह के सेवा विस्तार में एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि केंद्र सरकार ने इसके लिए संबंधित सेवा नियमों में छूट प्रदान की है।आधिकारिक सूचना के मुताबिक, यह विस्तार मौलिक नियम 56(d) और अखिल भारतीय सेवा से संबंधित नियम 16(1A) के प्रावधानों में छूट देते हुए मंजूर किया गया है।इन नियमों का संबंध सरकारी अधिकारियों की सेवानिवृत्ति और सेवा अवधि से जुड़ी व्यवस्थाओं से है। विशेष परिस्थितियों में सरकार निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यकाल को आगे बढ़ाने का निर्णय ले सकती है।राजेश कुमार सिंह के मामले में भी सरकार ने इसी व्यवस्था का उपयोग करते हुए उन्हें एक अतिरिक्त वर्ष तक रक्षा सचिव के पद पर बनाए रखने का फैसला किया है।
रक्षा मंत्रालय में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
रक्षा सचिव का पद केंद्र सरकार के सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों में शामिल है। रक्षा मंत्रालय में इस पद पर नियुक्त अधिकारी रक्षा नीतियों के प्रशासनिक क्रियान्वयन, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और महत्वपूर्ण सरकारी प्रक्रियाओं की निगरानी में भूमिका निभाता हैइसके अतिरिक्त रक्षा क्षेत्र से संबंधित योजनाओं, प्रशासनिक सुधारों और मंत्रालय के विभिन्न कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में भी रक्षा सचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।भारत की रक्षा जरूरतों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े प्रशासनिक मामलों को देखते हुए इस पद पर अनुभवी अधिकारी की नियुक्ति को विशेष महत्व दिया जाता है।
प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने पर जोर
राजेश कुमार सिंह का कार्यकाल बढ़ाए जाने से रक्षा मंत्रालय को मौजूदा प्रशासनिक नेतृत्व के साथ काम जारी रखने का अवसर मिलेगा। इससे मंत्रालय में पहले से चल रही योजनाओं और नीतिगत प्रक्रियाओं में निरंतरता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।केंद्र सरकार का यह निर्णय ऐसे समय आया है, जब रक्षा क्षेत्र में आधुनिकीकरण, स्वदेशी रक्षा उत्पादन और सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने जैसे विषय महत्वपूर्ण बने हुए हैं।इन प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने में रक्षा मंत्रालय के प्रशासनिक तंत्र की भूमिका भी अहम है। ऐसे में शीर्ष स्तर पर नेतृत्व की निरंतरता को उपयोगी माना जा रहा है।
अब अक्टूबर 2027 तक पद पर बने रहेंगे
सरकार के ताजा आदेश के बाद राजेश कुमार सिंह का कार्यकाल आधिकारिक रूप से एक वर्ष आगे बढ़ गया है। पहले उनका कार्यकाल 31 अक्टूबर 2026 को समाप्त होना निर्धारित था, लेकिन अब वह 31 अक्टूबर 2027 तक अपनी जिम्मेदारियां निभा सकेंगे।हालांकि, आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि उनकी नियुक्ति अगले आदेश तक ही प्रभावी रहेगी, यदि वह निर्धारित अंतिम तिथि से पहले जारी किया जाता है।इस फैसले से रक्षा मंत्रालय में वरिष्ठ प्रशासनिक नेतृत्व की स्थिति स्पष्ट हो गई है। अब राजेश कुमार सिंह अगले एक वर्ष तक रक्षा विभाग के सचिव के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन जारी रखेंगे।
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