PM मोदी से मुलाकात के 9 दिन बाद अस्पताल में भर्ती हुए लालकृष्ण आडवाणी, जानें पूरा मामला
चेस्ट इंफेक्शन
नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 98 वर्षीय आडवाणी को सीने में संक्रमण यानी चेस्ट इंफेक्शन की शिकायत के बाद शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 7:30 बजे अस्पताल लाया गया। अस्पताल में उनका इलाज पल्मोनरी विभाग के चिकित्सकों की निगरानी में चल रहा है। राहत की बात यह है कि शुक्रवार रात तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
चेस्ट इंफेक्शन के बाद अस्पताल में कराया गया भर्ती
पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को सीने में संक्रमण की शिकायत होने के बाद अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया गया। उन्हें दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, चिकित्सकों की एक टीम उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर निगरानी रख रही है। अस्पताल के पल्मोनरी विभाग में उनका उपचार चल रहा है। यह विभाग फेफड़ों और श्वसन तंत्र से संबंधित बीमारियों के इलाज में विशेषज्ञता रखता है। उम्र और संक्रमण को ध्यान में रखते हुए डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
सेहत पर डॉक्टरों की नजर
लालकृष्ण आडवाणी की उम्र 98 वर्ष है। अधिक उम्र में श्वसन तंत्र से संबंधित संक्रमण के मामलों में चिकित्सकीय निगरानी महत्वपूर्ण होती है। आडवाणी का उपचार विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में किया जा रहा है। हालांकि संक्रमण की गंभीरता, जांच रिपोर्ट और अस्पताल से छुट्टी मिलने की संभावित तारीख को लेकर विस्तृत आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन सामने नहीं आया है। ऐसे में उनकी स्वास्थ्य स्थिति के संबंध में नई जानकारी अस्पताल के आधिकारिक अपडेट के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
एक सप्ताह पहले प्रधानमंत्री मोदी ने की थी मुलाकात
लालकृष्ण आडवाणी के अस्पताल में भर्ती होने से नौ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे मुलाकात की थी। 7 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री मोदी नई दिल्ली स्थित आडवाणी के आवास पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आडवाणी से आशीर्वाद लिया था। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट भी साझा किया था। उन्होंने आडवाणी की दशकों लंबी सार्वजनिक सेवा और राष्ट्रीय जीवन में उनके योगदान का उल्लेख किया था।
7 अक्टूबर को मोदी ने पूरे किए थे 25 साल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में सरकार का नेतृत्व संभाला था। इसके बाद उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर लगातार तीन कार्यकाल पूरे किए। वर्ष 2014 में वह देश के प्रधानमंत्री बने और इसके बाद 2019 तथा 2024 के लोकसभा चुनावों में भी उनके नेतृत्व में सरकार बनी। 7 अक्टूबर 2026 को सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे होने पर उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया था।
इससे पहले भी अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं आडवाणी
वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी को इससे पहले भी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका है। मई 2026 में उन्हें उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के चलते अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी। इससे पहले वर्ष 2024 में भी उन्हें अलग-अलग अवसरों पर चिकित्सकीय देखरेख के लिए अस्पताल जाना पड़ा था। इस बार उन्हें सीने में संक्रमण की शिकायत के बाद भर्ती कराया गया है।
देश के उपप्रधानमंत्री और गृह मंत्री रह चुके हैं आडवाणी
लालकृष्ण आडवाणी भारतीय राजनीति के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। उनका जन्म 8 नवंबर 1927 को कराची में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है। उन्होंने भारतीय जनसंघ और बाद में भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आडवाणी तीन बार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं। अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री और वर्ष 2002 से 2004 तक उपप्रधानमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2024 में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें उनके आवास पर यह सम्मान प्रदान किया था।
लालकृष्ण आडवाणी की तबीयत पर क्या है ताजा जानकारी?
16 अक्टूबर की रात सामने आई जानकारी के अनुसार, पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी का इलाज दिल्ली के अपोलो अस्पताल में जारी था और उनकी हालत स्थिर बताई गई थी। उनके स्वास्थ्य को लेकर आगे की स्थिति चिकित्सकों के आधिकारिक अपडेट से स्पष्ट होगी। फिलहाल किसी गंभीर जटिलता या स्वास्थ्य में अचानक गिरावट की पुष्टि नहीं हुई है।