Lithuanian की एंबेसडर डियाना मिकेविसिएने ने महिलाओं की भूमिका पर जोर दिया

Update: 2026-02-26 15:52 GMT
Delhi दिल्ली: चिन्तन रिसर्च फाउंडेशन द्वारा आयोजित "सशक्त नारी, विकसित भारत" कार्यक्रम में लिथुआनिया की भारत में राजदूत डियाना मिकेविसिएने ने महिलाओं की भूमिका और आवाज़ को वैश्विक स्तर पर निर्णायक निर्णय प्रक्रियाओं में शामिल करने का महत्वपूर्ण संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, "संदेश बहुत स्पष्ट है, विश्व कूटनीति और हर प्रकार के संघर्ष समाधान में दुनिया के सभी निर्णय निर्माताओं को महिलाओं की आवाज़ को शामिल करना चाहिए।" उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय नीति और समाधान में महिलाओं की भागीदारी न केवल न्यायसंगत है, बल्कि यह स्थायी और प्रभावी परिणाम सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक है।
डियाना मिकेविसिएने ने यह भी कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल सामाजिक या आर्थिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह वैश्विक कूटनीति, सुरक्षा और विकास की नींव का भी हिस्सा है। उन्होंने नीति निर्माताओं और निर्णयकर्ताओं से अपील की कि महिलाओं की भागीदारी को हर स्तर पर बढ़ावा दिया जाए।
कार्यक्रम में मौजूद विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं ने महिलाओं की शिक्षा, नेतृत्व और निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि वैश्विक मुद्दों जैसे शांति स्थापना, संघर्ष समाधान, और पर्यावरणीय स्थिरता में महिलाओं की दृष्टि और अनुभव अनमोल योगदान दे सकते हैं।
राजदूत मिकेविसिएने ने अंत में कहा कि जब तक महिलाओं की आवाज़ को निर्णय प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा, तब तक वास्तविक समानता और स्थायी समाधान संभव नहीं है। इस कार्यक्रम ने न केवल महिलाओं के अधिकारों और नेतृत्व पर ध्यान आकर्षित किया, बल्कि नीति निर्माताओं के लिए दिशा निर्देश भी स्पष्ट किए। सशक्त नारी, विकसित भारत कार्यक्रम में यह संदेश यह भी दर्शाता है कि महिलाओं की भागीदारी राष्ट्र निर्माण और वैश्विक सहयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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