नई दिल्ली: कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सांसद शशि थरूर के बीच हल्का-फुल्का संवाद चर्चा का विषय बन गया। बैठक के दौरान थरूर ने गांधी जयंती के मौके पर पार्टी की ओर से बड़ा कार्यक्रम या धरना आयोजित करने का सुझाव दिया। इसी पर खरगे ने चुटकी लेते हुए कहा कि वह कार्यक्रम में खुद भी आएं और केवल अखबारों में लेख लिखने तक सीमित न रहें।
सूत्रों के मुताबिक, शशि थरूर ने बैठक में सुझाव दिया कि कांग्रेस को 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर कोई बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम करना चाहिए। इस प्रस्ताव पर खरगे ने मुस्कुराते हुए कहा कि अगर कार्यक्रम रखा जाता है तो थरूर को भी उसमें मौजूद रहना चाहिए। उनकी टिप्पणी के बाद बैठक में मौजूद कई नेताओं के बीच हल्का माहौल बन गया। खरगे की इस टिप्पणी को थरूर के हाल के सार्वजनिक लेखों और राजनीतिक मुद्दों पर उनकी स्वतंत्र राय से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि बैठक के दौरान यह संवाद गंभीर टकराव के बजाय हल्के अंदाज में हुआ बताया गया है। थरूर ने भी खरगे की टिप्पणी का जवाब सहज तरीके से दिया।
CWC की बैठक में इसके अलावा कई राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा हुई। कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी SIR, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और पार्टी की आगे की रणनीति पर विचार किया। बैठक में पार्टी ने इन मुद्दों को लेकर व्यापक राजनीतिक अभियान चलाने पर भी चर्चा की।
बैठक में राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। पार्टी नेतृत्व की ओर से संगठन को सक्रिय करने और आने वाले कार्यक्रमों में नेताओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। इस दौरान खरगे और थरूर के बीच हुआ संवाद बैठक के गंभीर राजनीतिक एजेंडे के बीच हल्के पल के रूप में सामने आया।
शशि थरूर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और कई राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपने लेखों और सार्वजनिक वक्तव्यों के लिए जाने जाते हैं। CWC बैठक में उनके सुझाव पर खरगे की टिप्पणी को पार्टी के अंदर नेताओं से जमीन पर सक्रिय भागीदारी की अपेक्षा के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
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