नई दिल्ली : दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की है। वांगचुक नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
केजरीवाल ने जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन को आम आदमी पार्टी का समर्थन देते हुए कहा कि वह सोनम वांगचुक के मुद्दे और उनकी चिंताओं से सहमत हैं, लेकिन स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें भूख हड़ताल समाप्त कर देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए व्यक्ति का स्वस्थ रहना जरूरी है।
आम आदमी पार्टी ने जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन को समर्थन देने की घोषणा की है। इस प्रदर्शन में नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग उठाई जा रही है।
केजरीवाल ने कहा कि सोनम वांगचुक जैसे सामाजिक कार्यकर्ता लंबे समय से जनहित के मुद्दों को उठाते रहे हैं। उन्होंने अपील की कि वह अपनी मांगों को आगे बढ़ाने के लिए भूख हड़ताल के अलावा अन्य लोकतांत्रिक तरीकों का इस्तेमाल करें।
उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों और अभ्यर्थियों की चिंताओं को गंभीरता से सुनना चाहिए। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि लाखों युवाओं का भविष्य इससे जुड़ा होता है।
सोनम वांगचुक ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर सरकार से जवाबदेही की मांग की है। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बनाए रखने के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। उनका आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में सामने आई गड़बड़ियों से छात्रों और अभ्यर्थियों को नुकसान पहुंचा है।
आप नेताओं ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पारदर्शी व्यवस्था जरूरी है। पार्टी ने छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने की बात कही है।
जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में कई कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा सुधार, पेपर लीक रोकने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
केजरीवाल ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन और अपनी बात रखने का अधिकार सभी को है, लेकिन आंदोलन के दौरान स्वास्थ्य को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। उन्होंने सोनम वांगचुक से आग्रह किया कि वह अपनी लड़ाई को जारी रखने के लिए वैकल्पिक रास्ते अपनाएं।
उन्होंने कहा कि लंबे समय तक भूख हड़ताल करने से स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। इसलिए आंदोलन को जारी रखते हुए अपनी सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है।
वहीं, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में किसी भी तरह की अनियमितता छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने सरकार से परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक विभिन्न सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। इससे पहले भी वह अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर चुके हैं। इस बार उन्होंने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर जंतर-मंतर पर विरोध शुरू किया है।
फिलहाल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है और सभी की नजर सरकार की प्रतिक्रिया पर बनी हुई है। वहीं, अरविंद केजरीवाल की अपील के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सोनम वांगचुक अपनी भूख हड़ताल को लेकर क्या फैसला लेते हैं।
प्रदर्शन से जुड़े लोगों का कहना है कि उनका उद्देश्य छात्रों के हितों की रक्षा और परीक्षा प्रणाली में सुधार सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।