नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शनिवार को सवाल उठाया कि जब जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) ने यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के बाद मणिपुर से कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम को तुरंत प्रभाव से नौकरी से निकाल दिया, तो कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से क्यों नहीं निकाला?
मीडिया से ​​बात करते हुए BJP नेता हर्ष मल्होत्रा ​​ने कहा कि JNU प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद अकोइजम ने शिक्षक समुदाय का नाम खराब किया है।
मल्होत्रा ​​ने कहा, "शिक्षकों और प्रोफेसरों का काम सिर्फ़ शिक्षा देना ही नहीं, बल्कि नैतिकता सिखाना और खुद भी उसका पालन करना होता है। JNU की 13 छात्राओं ने उन पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। यूनिवर्सिटी की एक कमेटी ने इन आरोपों की जांच की और उन्हें दोषी पाया, जिसके बाद उन्हें JNU से निकाल दिया गया।"
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से इस मामले पर पार्टी के रुख के बारे में पूछा और आरोप लगाया कि अकोइजम उनके करीबी हैं।
मल्होत्रा ​​ने कहा, "मैं आपके ज़रिए राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि जब अकोइजम को राहुल गांधी का बहुत करीबी और उनका सहयोगी माना जाता है, तो उन्हें कांग्रेस पार्टी से अभी तक क्यों नहीं निकाला गया? राहुल गांधी का दोहरा रवैया कब तक चलेगा? जब भी उनकी अपनी पार्टी का कोई व्यक्ति भ्रष्ट होता है या गलत काम का दोषी होता है, तो वे पूरी तरह चुप रहते हैं।"
उन्होंने कहा कि दिल्ली की महिलाएं जानना चाहती हैं कि राहुल गांधी सांसद के खिलाफ कब कार्रवाई करेंगे और कांग्रेस नेता से इस मुद्दे पर खुद ध्यान देने की अपील की।
मल्होत्रा ​​ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी की भी आलोचना की और पिछली कांग्रेस सरकारों के दौरान विरोध प्रदर्शनों में पुलिस की कार्रवाई का ज़िक्र किया।
संसद के बाहर गोहत्या के खिलाफ 1966 के विरोध प्रदर्शन का ज़िक्र करते हुए मल्होत्रा ​​ने कहा, "अगर उग्र प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए इंतज़ाम किए जाते हैं, तो वे इसे डर कहते हैं। मैं उनसे पूछना चाहता हूं: उन्होंने (कांग्रेस ने) कानून-व्यवस्था के नाम पर गोली चलाई थी!"
उन्होंने 1988 में जनपथ पर किसानों के विरोध प्रदर्शन और 1990 व 1993 में राम मंदिर आंदोलन से जुड़े विरोध प्रदर्शनों का भी ज़िक्र किया और आरोप लगाया कि अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को काबू करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस समेत बल का इस्तेमाल किया था। मल्होत्रा ​​ने जंतर-मंतर पर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर सवाल उठाए और मांग की कि पार्टी के नेता बताएं कि वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग क्यों कर रहे हैं।
इससे पहले शनिवार को, खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट में केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार से सवाल पूछने वाले युवाओं, छात्रों, वकीलों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, किसान संघ के नेताओं, यूट्यूबर्स और कंटेंट क्रिएटर्स को हिरासत में लिया जा रहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, "मोदी सरकार ने 'लोकतंत्र की जननी' को 'दबे हुए लोकतंत्र' में बदल दिया है! आज बीजेपी-आरएसएस की कायरता साफ दिख रही है।"
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