Delhi सदस्य सचिव के एक बयान में आज कहा गया कि एचपीईसी सुप्रीम कोर्ट के 18 अगस्त, 2026 के आदेश के पैराग्राफ 12 और 13 और 10 सितंबर, 2026 के आदेश के पैराग्राफ 5 (i) में उल्लिखित सभी मुद्दों की जांच करेगा। यह आदेश कथित एनईईटी-यूजी पेपर लीक के खिलाफ सीजेपी के नेतृत्व वाले आंदोलन के दौरान जंतर-मंतर और उसके आसपास विरोध प्रदर्शन से संबंधित है।
उच्चाधिकार प्राप्त पैनल के एक बयान में कहा गया है कि पैलेट गन के इस्तेमाल, लक्षित हिंसा और महिला प्रदर्शनकारियों के उत्पीड़न, और दोनों तरफ अत्यधिक हिंसा और संपत्ति के विनाश से संबंधित मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी। एचपीईसी ने कहा, "पोर्टल को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि कमजोर गवाहों को उचित सुरक्षा मिल सके और यदि प्रभावित व्यक्ति चाहें तो पहचान को गोपनीय और अज्ञात रखा जा सके।"
इसमें कहा गया है कि प्रभावित व्यक्तियों और अन्य हितधारकों को पोर्टल तक पहुंचने और निर्धारित प्रारूपों का उपयोग करके अपनी शिकायतें/अभ्यावेदन अपलोड करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
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