नई दिल्ली। फ्लाईदुबई की एक उड़ान के कॉकपिट में भारतीय पायलट पर हुए कथित जानलेवा हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मामला दर्ज किया है। अधिकारियों के अनुसार, 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में उड़ान के दौरान एक गंभीर घटना सामने आई थी। आरोप है कि विमान के ओमानी सह-पायलट हमम अल-हम्ममी ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर कुल्हाड़ी से हमला किया और विमान को हाईजैक कर दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की।
अधिकारियों के अनुसार, हमले में कैप्टन स्मित मच्छर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इससे विमान में मौजूद यात्री और उस समय ड्यूटी पर नहीं रहे चालक दल के सदस्य कॉकपिट में पहुंच सके। उन्होंने कथित हमलावर को काबू में किया। इस घटनाक्रम के बाद अब मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंपे जाने और मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
30 सितंबर को उड़ान के दौरान हुई घटना
अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह घटना 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान संख्या FZ1073 में हुई। विमान हवा में था और कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छर तथा सह-पायलट हमम अल-हम्ममी मौजूद थे।आरोप है कि उड़ान के दौरान सह-पायलट ने अचानक कैप्टन पर हमला कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, इस हमले का कथित उद्देश्य विमान पर नियंत्रण हासिल करना और उसे दुर्घटनाग्रस्त करना था।हालांकि, विमान किस शहर से रवाना हुआ था, उसका गंतव्य क्या था और घटना के समय वह किस हवाई क्षेत्र में उड़ रहा था, इसकी जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।इसी तरह विमान में सवार यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की कुल संख्या भी स्पष्ट नहीं है।
कॉकपिट में कुल्हाड़ी से हमले का आरोप
मामले में सबसे गंभीर आरोप यह है कि सह-पायलट हमम अल-हम्ममी ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर कुल्हाड़ी से हमला किया।अधिकारियों के अनुसार, हमले के कारण कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए। कॉकपिट जैसे संवेदनशील स्थान पर हुई इस घटना ने विमान के संचालन और उसमें सवार लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।कॉकपिट विमान का वह हिस्सा होता है, जहां से पायलट उड़ान की दिशा, ऊंचाई और अन्य महत्वपूर्ण प्रणालियों को नियंत्रित करते हैं। इसलिए वहां किसी भी प्रकार की हिंसक घटना विमान की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।हालांकि, हमले में इस्तेमाल किए गए हथियार के स्रोत और वह कॉकपिट तक कैसे पहुंचा, इस संबंध में आधिकारिक विवरण उपलब्ध नहीं है।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद खोला दरवाजा
अधिकारियों के मुताबिक, हमले के दौरान कैप्टन स्मित मच्छर को गंभीर चोटें आई थीं। इसके बावजूद वह कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे।यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि दरवाजा खुलने के बाद विमान में मौजूद अन्य लोग अंदर पहुंच सके।प्राप्त विवरण के अनुसार, यात्रियों और ड्यूटी पर नहीं रहे चालक दल के सदस्यों ने मिलकर कथित हमलावर को काबू में किया।हालांकि, कितने लोग कॉकपिट में पहुंचे और हमलावर को नियंत्रित करने में किसकी क्या भूमिका रही, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
विमान ने अचानक खोई ऊंचाई, यात्रियों में मची अफरातफरी
घटना के दौरान विमान की ऊंचाई में अचानक बड़ी गिरावट दर्ज की गई। उड़ान से संबंधित रिपोर्ट के अनुसार, विमान लगभग 30 सेकंड में 14 हजार फीट से अधिक नीचे आ गया था। यात्रियों ने अचानक हुई इस गिरावट को बेहद डरावना अनुभव बताया।इस बीच कॉकपिट में हमलावर को काबू में किए जाने के बाद विमान को नियंत्रित करने की कोशिश शुरू हुई। उस समय विमान में दो अन्य पायलट भी यात्रा कर रहे थे, जो ड्यूटी पर नहीं थे।इन पायलटों ने विमान के संचालन की जिम्मेदारी संभाली और उसे सुरक्षित उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सऊदी अरब में कराई गई सुरक्षित लैंडिंग
हमले के बाद विमान को उसके निर्धारित गंतव्य के बजाय सऊदी अरब के तबूक हवाई अड्डे की ओर मोड़ा गया।विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था। उसमें 174 यात्री सवार थे। यात्रियों और चालक दल के हस्तक्षेप के बाद विमान पर दोबारा नियंत्रण स्थापित किया गया और तबूक में सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।लैंडिंग के बाद सऊदी अधिकारियों ने आरोपी सह-पायलट को गिरफ्तार कर लिया। घायल कैप्टन स्मित मच्छर को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।
NIA ने दर्ज किया मामला
अब इस घटना की जांच में भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी भी शामिल हो गई है।रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार के निर्देश पर NIA ने विमान में हुए हमले की जांच के लिए मामला दर्ज किया है। एजेंसी ने विमान अपहरण रोधी अधिनियम, 2016 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई शुरू की है।जांच का प्रमुख उद्देश्य यह पता लगाना है कि घटना के पीछे केवल आरोपी सह-पायलट की भूमिका थी या किसी व्यापक साजिश की संभावना भी मौजूद है।
हमले के पीछे की मंशा की जांच
संयुक्त अरब अमीरात के अभियोजन अधिकारियों ने घटना को आतंकवादी हमले की कोशिश बताया है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी का उद्देश्य विमान को तेल अवीव के बेन गुरियन हवाई अड्डे से टकराना था।यूएई के अधिकारियों ने आरोपी के अकेले कार्रवाई करने की बात कही है। हालांकि, जांच एजेंसियां उपलब्ध साक्ष्यों और संभावित अन्य संबंधों की भी जांच कर रही हैं।
विमान सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
इस घटना ने विमान के कॉकपिट की सुरक्षा और चालक दल की पृष्ठभूमि की जांच से जुड़े मुद्दों को फिर चर्चा में ला दिया है।विशेष रूप से यह सवाल महत्वपूर्ण है कि आपातकालीन परिस्थितियों के लिए कॉकपिट में रखा जाने वाला उपकरण हमले में कैसे इस्तेमाल हुआ और ऐसी स्थिति को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्थाओं को किस प्रकार मजबूत किया जा सकता है।फिलहाल भारतीय एजेंसी की जांच जारी है। कैप्टन स्मित मच्छर, यात्रियों और अन्य पायलटों के हस्तक्षेप से विमान सुरक्षित उतारा जा सका।