नई दिल्ली: रियल एस्टेट कंपनी सुपरटेक के अधूरे पड़े 16 हाउसिंग प्रोजेक्ट को लेकर कानूनी लड़ाई एक बार फिर तेज हो गई है। गुरुग्राम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा समेत कई शहरों में अटके सुपरटेक प्रोजेक्टों को पूरा करने के मामले में राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) में सुनवाई जल्द होने वाली है। सुप्रीम कोर्ट की दखल के बाद अब मामले में आगे की प्रक्रिया तेज हो गई है।
मामले में सरकारी कंपनी नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (
NBCC
) की ओर से दायर याचिका पर नोटिस जारी किया गया है। NBCC ने सुपरटेक के 16 अटके हुए प्रोजेक्टों को पूरा करने से जुड़े मुद्दों पर अपनी स्थिति रखने के लिए अदालत का रुख किया है। इन परियोजनाओं से हजारों घर खरीदारों का भविष्य जुड़ा हुआ है।
सुपरटेक के ये प्रोजेक्ट लंबे समय से अधूरे पड़े हैं और इनमें फ्लैट की बुकिंग कराने वाले खरीदार वर्षों से अपने घरों का इंतजार कर रहे हैं। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम के अलावा अन्य शहरों में भी कंपनी की कई परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। घर खरीदारों की सबसे बड़ी मांग यही है कि किसी भी तरह निर्माण कार्य पूरा हो और उन्हें जल्द से जल्द कब्जा मिल सके। दरअसल, सुपरटेक के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू होने के बाद अधूरे प्रोजेक्टों को पूरा करने का मुद्दा सामने आया था। NCLAT ने पहले 16 परियोजनाओं को NBCC के जरिए पूरा कराने का रास्ता सुझाया था। हालांकि इस फैसले को लेकर कुछ पक्षों ने आपत्ति जताई और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले में सभी पक्षों की दलीलें सुनते हुए प्रक्रिया और अधिकार क्षेत्र से जुड़े सवालों पर विचार किया था। अदालत ने यह भी कहा था कि अंतिम उद्देश्य हजारों घर खरीदारों के हितों की रक्षा करना और अटके हुए निर्माण कार्यों को पूरा कराना होना चाहिए।
NBCC का पक्ष है कि वह इन परियोजनाओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत पूरा करने में सक्षम है। कंपनी ने पहले भी कई अधूरे सरकारी और निजी निर्माण प्रोजेक्ट पूरे किए हैं। वहीं दूसरी ओर कुछ पक्षों ने परियोजनाओं के हस्तांतरण और वित्तीय व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं।
सुपरटेक के 16 प्रोजेक्टों में बड़ी संख्या में फ्लैट खरीदारों का पैसा फंसा हुआ है। इन परियोजनाओं में निर्माण पूरा करने के लिए फंड की व्यवस्था, जमीन से जुड़े विवाद, बकाया भुगतान और अन्य कानूनी अड़चनें प्रमुख चुनौतियां बनी हुई हैं। घर खरीदारों का कहना है कि उन्हें लंबे समय से आश्वासन मिल रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर काम की गति उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ पाई। अब उनकी नजर NCLAT की आगामी सुनवाई पर है, जिससे परियोजनाओं के भविष्य को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
रियल एस्टेट विशेषज्ञों के अनुसार, सुपरटेक मामले का समाधान देश के अन्य अटके हुए हाउसिंग प्रोजेक्टों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है। यदि किसी मजबूत एजेंसी के जरिए निर्माण पूरा करने का मॉडल सफल होता है तो इससे हजारों अन्य घर खरीदारों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ सकती है।
फिलहाल NCLAT में होने वाली सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं। NBCC की याचिका, परियोजनाओं की स्थिति और घर खरीदारों के हितों को ध्यान में रखते हुए आगे का फैसला लिया जाएगा। इस फैसले से गुरुग्राम, नोएडा और ग्रेटर नोएडा समेत सुपरटेक के 16 प्रोजेक्टों का भविष्य तय हो सकता है।
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