नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के दक्षिण-पूर्वी जिले के जैतपुर इलाके में रिश्तों को शर्मसार करने वाली हत्या की घटना सामने आई है। यहां एक व्यक्ति ने अपने रिश्तेदार के साथ मिलकर कथित तौर पर अपने 38 वर्षीय साले की हत्या कर दी। आरोप है कि पहले युवक को शराब में नींद की गोलियां मिलाकर पिलाई गईं और बेहोश होने के बाद उसके सिर पर लोहे की रॉड से हमला किया गया। हत्या के बाद शव को आगरा नहर के किनारे फेंक दिया गया। आरोपियों की योजना वारदात को सड़क दुर्घटना का रूप देने की थी, लेकिन पुलिस की जांच में पूरा मामला सामने आ गया। दिल्ली पुलिस ने 24 घंटे के भीतर हत्या की गुत्थी सुलझाने का दावा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 53 वर्षीय राजेश यादव और 29 वर्षीय नीलेश के रूप में हुई है। मृतक का नाम बलवीर सिंह बताया गया है।
आगरा नहर के किनारे मिला था युवक का शव
जानकारी के अनुसार, 6 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 9 बजकर 15 मिनट पर दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल मनेन्द्र को आगरा नहर के किनारे एक व्यक्ति का शव पड़े होने की सूचना मिली। घटनास्थल दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पास मीठापुर चौक से लोहिया पुल की ओर जाने वाले मार्ग पर स्थित था।
सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतक के सिर पर चोट के कई निशान दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने शव की पहचान कराने की प्रक्रिया शुरू की।जांच में मृतक की पहचान 38 वर्षीय बलवीर सिंह के रूप में हुई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सफदरजंग अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी।
जीजा ने रिश्तेदार के साथ मिलकर रची हत्या की साजिश
पुलिस की जांच में सामने आया कि बलवीर सिंह की हत्या में उसके जीजा राजेश यादव की कथित भूमिका थी। राजेश ने अपने रिश्तेदार नीलेश के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी।
दक्षिण-पूर्व दिल्ली के डीसीपी विनीत कुमार के अनुसार, पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ और तकनीकी जांच में दोनों के बीच संपर्क तथा वारदात से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई।
पुलिस के अनुसार, राजेश यादव अपने साले बलवीर सिंह की शराब पीने की आदत से परेशान था। इसी बात को लेकर परिवार में विवाद होने की जानकारी सामने आई है।आरोप है कि राजेश ने इस विवाद के चलते बलवीर को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और अपने रिश्तेदार नीलेश को भी इसमें शामिल कर लिया।
शराब में मिलाई थीं नींद की गोलियां
पुलिस के अनुसार, 5 अक्टूबर को बलवीर सिंह अपने जीजा राजेश यादव के साथ घर से निकला था। इसी दौरान राजेश ने कथित तौर पर उसे शराब पिलाई।आरोप है कि शराब में पहले से नींद की गोलियां मिला दी गई थीं। शराब पीने के कुछ समय बाद बलवीर बेहोश हो गया।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने पहले से योजना बनाकर यह कदम उठाया था, ताकि बलवीर उनका विरोध न कर सके।इसके बाद बेहोशी की हालत में बलवीर को ट्रक में ले जाया गया। पुलिस अब शराब में नींद की गोलियां मिलाने के आरोप और इससे जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
लोहे की रॉड से सिर पर किया हमला
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, बलवीर सिंह के बेहोश होने के बाद आरोपी नीलेश ने उसके सिर पर लोहे की रॉड से हमला किया।हमले में बलवीर की मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने शव को आगरा नहर के किनारे फेंक दिया।
पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों की योजना हत्या को सड़क दुर्घटना का रूप देने की थी। हालांकि वारदात के बाद मिले साक्ष्यों ने इस योजना को सफल नहीं होने दिया।पुलिस ने आरोपी नीलेश की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड और ट्रक बरामद कर लिया है।
सीसीटीवी और मोबाइल लोकेशन से खुला राज
बलवीर सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने तकनीकी जांच का सहारा लिया। जांच टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।इसके अलावा संदिग्ध व्यक्तियों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड और लोकेशन से संबंधित जानकारी भी जुटाई गई।पुलिस ने मृतक के परिवार के सदस्यों से पूछताछ की। इस दौरान पता चला कि बलवीर सिंह आखिरी बार 5 अक्टूबर को अपने जीजा राजेश यादव के साथ घर से निकला था।
इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने राजेश की गतिविधियों की जांच की। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर नीलेश की भूमिका भी सामने आई।इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
24 घंटे के भीतर हत्या की गुत्थी सुलझाने का दावा
दिल्ली पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा 24 घंटे के भीतर करने का दावा किया है। अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली।जांच के दौरान पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई कथित लोहे की रॉड और ट्रक को भी बरामद किया।
इन वस्तुओं की बरामदगी को जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि हत्या में इनकी भूमिका और अन्य परिस्थितियों को वैज्ञानिक साक्ष्यों के माध्यम से भी स्पष्ट किया जाना आवश्यक है।
पारिवारिक विवाद बना हत्या की वजह
पुलिस की प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे पारिवारिक विवाद की बात सामने आई है। आरोप है कि राजेश यादव अपने साले की शराब पीने की आदत से परेशान था।इसी बात को लेकर उसके मन में नाराजगी थी और उसने नीलेश के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई।
हालांकि पुलिस अभी यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों आरोपियों ने साजिश कब तैयार की थी और वारदात से पहले उनके बीच क्या बातचीत हुई थी।पुलिस हत्या से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
दोनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी
फिलहाल दिल्ली पुलिस ने राजेश यादव और नीलेश को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या में इस्तेमाल बताई गई लोहे की रॉड तथा ट्रक को भी कब्जे में लिया गया है।मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।पुलिस आरोपियों की भूमिका और घटनाक्रम से संबंधित जानकारी जुटा रही है। गिरफ्तार व्यक्तियों के खिलाफ आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर होगा।
जैतपुर में सामने आई इस घटना ने पारिवारिक विवाद के हिंसक परिणामों की ओर ध्यान आकर्षित किया है। पुलिस का दावा है कि जीजा ने अपने रिश्तेदार के साथ मिलकर साले की हत्या की साजिश रची थी। अब आगे की जांच और न्यायिक कार्रवाई में मामले से जुड़े अन्य तथ्य स्पष्ट होंगे।
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