आआपा विधायक समेत कई लोगों पर ईडी की जांच, 35 जगहों पर छापे
पंजाब समेत सात राज्यों में ईडी की दबिश, कई ठिकानों पर तलाशी
नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को चार अलग-अलग मामलों में सात राज्यों के 35 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। ये मामले सरकारी और संस्थागत संपत्तियों के फर्जी अधिग्रहण, सार्वजनिक धन के दुरुपयोग, निवेश धोखाधड़ी, आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग की समूह-एक मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में अनियमितता और सहकारी समिति के धन के गबन से जुड़े हैं। ईडी के चंडीगढ़, भुवनेश्वर, हैदराबाद और केरल क्षेत्रीय कार्यालयों की ओर से पंजाब, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल और तमिलनाडु में यह कार्रवाई की जा रही है।
जांच एजेंसी के मुताबिक ईडी के चंडीगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय ने पंजाब में सात ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई मोगा जिले में सरकारी और संस्थागत संपत्तियों के फर्जी अधिग्रहण तथा सार्वजनिक धन के दुरुपयोग से जुड़े मामले में की गई। मामला राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 754ए के निर्माण के लिए अधिग्रहित सरकारी जमीन के फर्जी मौत और उसके बदले मुआवजे की गलत तरीके से राशि जारी किए जाने से संबंधित है। पंजाब पुलिस की ओर से 16 जून 2024 को दर्ज प्राथमिकी संख्या 101 के आधार पर ईडी ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की थी।
तलाशी अभियान आम आदमी पार्टी की पंजाब महिला विंग की अध्यक्ष और मोगा से विधायक अमनदीप कौर अरोड़ा, उनके पति डॉ. राकेश अरोड़ा, परिवार के सदस्यों और सहयोगियों से जुड़े परिसरों पर चलाया गया। डॉ. राकेश अरोड़ा से जुड़े नशामुक्ति अस्पताल को भी तलाशी के दायरे में शामिल किया गया है। ईडी की कार्रवाई सरकारी जमीन के अधिग्रहण और मुआवजे के भुगतान में कथित अनियमितताओं की जांच से जुड़ी है।
दूसरी ओर ईडी के भुवनेश्वर क्षेत्रीय कार्यालय ने ओडिशा और पश्चिम बंगाल में 10 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह मामला कल्पना फाइनेंशियल सर्विसेज प्रा.लि. और उसके निदेशक अमित मंडल से जुड़ा है। आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की ओर से दर्ज प्राथमिकी के आधार पर धनशोधन का मामला शुरू किया गया था। जांच एजेंसी के अनुसार इस निवेश योजना का संचालन मुख्य रूप से ‘कल्पना फाइनेंशियल सर्विसेज’ के नाम से किया जा रहा था।
इस मामले में आरोप है कि योजना के तहत आम लोगों को शेयर बाजार और ट्रेडिंग गतिविधियों में निवेश के नाम पर पैसे जमा कराने के लिए प्रेरित किया गया। निवेशकों को उनकी रकम पर निश्चित मासिक रिटर्न देने का भरोसा दिलाया जाता था। यह रिटर्न करीब 3.5 से 7 फीसदी प्रति माह तक बताया गया था। इस योजना के माध्यम से आम लोगों से करीब 120 करोड़ रुपये जुटाए गए। एजेंसी इस बात की जांच कर रही है कि निवेश के नाम पर एकत्र की गई रकम का इस्तेमाल किस तरह किया गया। मामले में आगे की जांच जारी है।
तीसरी कार्रवाई ईडी के हैदराबाद क्षेत्रीय कार्यालय ने की। एजेंसी ने तेलंगाना के हैदराबाद और सिकंदराबाद तथा आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में सात ठिकानों पर तलाशी अभियान शुरू किया। यह मामला आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग (एपीपीएससी) की समूह-एक मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के हस्तचालित मूल्यांकन में कथित अनियमितताओं से संबंधित है। ईडी के अनुसार, इस प्रक्रिया के दौरान एक निजी पक्ष को 1,14,32,312 रुपये का भुगतान किए जाने का आरोप है।
तलाशी तत्कालीन एपीपीएससी सचिव पी. सीतारामांजनयुलु के परिसर पर की जा रही है। इसके अलावा उत्तर पुस्तिकाओं के हस्तचालित मूल्यांकन का काम सौंपे जाने वाली निजी कंपनी कैमसाइन मीडिया प्रा.लि. और उसके प्रबंध निदेशक पी. मधुसूदन राव के परिसरों को भी जांच के दायरे में रखा गया है। आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के चिनाकाकानी गांव स्थित आवासा रिसॉर्ट हैलैंड में भी तलाशी ली जा रही है। यह वही परिसर है, जहां परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं रखी गई थीं और मूल्यांकन का काम किया गया था।
ईडी ने इस मामले में ट्रूग्रेडर सर्विसेज को भी जांच के दायरे में रखा है। यह स्टोन मीडिया एडवाइजरी सर्विसेज प्रा.लि. का एक प्रभाग है, जिसने एपीपीएससी के लिए पहले डिजिटल मूल्यांकन का काम किया था। इसके प्रबंध निदेशक अकल्ला पेरी श्रीनिवास राव और मूल्यांकन कार्य से जुड़े महमंकाली रघुराम के परिसरों पर भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। एजेंसी की कार्रवाई का केंद्र उत्तर पुस्तिकाओं के हस्तचालित मूल्यांकन की प्रक्रिया और इस काम के लिए किए गए भुगतान से जुड़ी कथित अनियमितताएं हैं। तलाशी अभियान फिलहाल जारी है।
चौथी कार्रवाई ईडी के केरल क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से की जा रही है। एजेंसी केरल और चेन्नई में 11 ठिकानों पर तलाशी ले रही है। यह मामला भारत लजना मल्टी स्टेट को-ऑपरेटिव सोसाइटी (बीएलएम) के संस्थापक सदस्य और वास्तविक रूप से अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) रहे आर. प्रेमकुमार तथा अन्य से संबंधित है। ईडी के अनुसार, प्रेमकुमार ने सोसाइटी में सार्वजनिक जमाकर्ताओं की ओर से जमा कराई गई करोड़ों रुपये की राशि का कथित तौर पर दुरुपयोग किया। आरोप है कि उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर सोसाइटी की रकम अपनी पत्नी और रिश्तेदारों के बैंक खातों में स्थानांतरित कराई और उसका निजी इस्तेमाल किया।
जांच एजेंसी के मुताबिक प्रेमकुमार ने सोसाइटी के रागम थिएटर को ब्रियोस फिनवेस्ट के पास गिरवी रखा था, लेकिन इसके बदले मिलने वाली रकम सोसाइटी तक नहीं पहुंची। इसके अलावा, कांचीपुरम में करीब 500 एकड़ जमीन उनकी पत्नी के नाम पर अर्जित किए जाने का भी आरोप है। ईडी इन संपत्तियों और सोसाइटी के सार्वजनिक जमाकर्ताओं से जुटाई गई रकम के कथित दुरुपयोग से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। ईडी ने कहा कि सभी मामलों में विभिन्न स्थानों पर तलाशी अभियान जारी है।