भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने बड़ी कार्रवाई की है। डीआरआई की टीम ने अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) पर एक यात्री के कब्जे से 9.139 किलोग्राम क्रिस्टलीय मेथामफेटामाइन जब्त की है। अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 7.32 करोड़ रुपये बताई जा रही है। आरोपी ने नशीले पदार्थों को सलवार सूट के पैकेटों के अंदर छिपाकर रखा था, ताकि तलाशी के दौरान किसी को संदेह न हो। यह कार्रवाई मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को की गई। वित्त मंत्रालय ने बुधवार को इसकी आधिकारिक जानकारी जारी की।
दिल्ली से बेंगलुरु जा रही बस में पकड़ा गया आरोपी
वित्त मंत्रालय के अनुसार, डीआरआई को खुफिया जानकारी मिली थी कि दिल्ली से बेंगलुरु जा रही एक बस में नशीले पदार्थों की बड़ी खेप ले जाई जा रही है।सूचना के आधार पर डीआरआई अधिकारियों ने भोपाल के आईएसबीटी पर निगरानी बढ़ाई। जैसे ही संदिग्ध बस टर्मिनल पहुंची, अधिकारियों ने उसमें सवार एक भारतीय पुरुष यात्री को रोककर उसके सामान की तलाशी ली।तलाशी के दौरान अधिकारियों को दो मध्यम आकार के ट्रॉली बैग मिले। इन बैगों में कपड़ों के पैकेट रखे हुए थे। जांच करने पर सलवार सूट की पैकिंग के अंदर 11 प्लास्टिक पैकेट बरामद हुए।इन पैकेटों में सफेद क्रिस्टलीय पदार्थ मौजूद था, जिसे जांच के बाद मेथामफेटामाइन के रूप में पहचाना गया।
दो ट्रॉली बैग में मिली 9.139 किलो ड्रग्स
डीआरआई अधिकारियों ने बरामद पदार्थ का परीक्षण किया। फील्ड टेस्ट में मेथामफेटामाइन की मौजूदगी की पुष्टि हुई।इसके बाद अधिकारियों ने सभी 11 पैकेट जब्त कर लिए। इनका कुल वजन 9.139 किलोग्राम पाया गया।अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया गया है।
छह दिन में दूसरी बड़ी कार्रवाई
भोपाल के अंतरराज्यीय बस टर्मिनल पर नशीले पदार्थों की जब्ती का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 14 अक्टूबर को डीआरआई ने एक महिला यात्री से करीब 2.604 किलोग्राम एम्फेटामाइन जब्त की थी।उस खेप की अनुमानित कीमत लगभग 2.08 करोड़ रुपये बताई गई थी। इस प्रकार छह दिनों के भीतर भोपाल आईएसबीटी पर करीब 9.40 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ पकड़े जाने की खबर सामने आई है।लगातार हो रही इन कार्रवाइयों ने अंतरराज्यीय बस परिवहन के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी की समस्या को उजागर किया है।
पूर्वोत्तर और तमिलनाडु में भी पकड़ी गई थीं बड़ी खेप
वित्त मंत्रालय ने बताया कि डीआरआई देश के विभिन्न हिस्सों में सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी रोकने के लिए अभियान चला रहा है।हाल में पूर्वोत्तर क्षेत्र में 231.8 किलोग्राम मेथामफेटामाइन की गोलियां जब्त की गई थीं। आशंका जताई गई थी कि इन्हें म्यांमार से तस्करी करके भारत लाया गया था।इसी तरह तमिलनाडु में 137 किलोग्राम संदिग्ध क्रिस्टलीय मेथामफेटामाइन की खेप पकड़ी गई थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, इसे समुद्री रास्ते से श्रीलंका भेजे जाने की आशंका थी।इन कार्रवाइयों से स्पष्ट होता है कि तस्कर सड़क, अंतरराज्यीय परिवहन और समुद्री मार्गों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
क्या है मेथामफेटामाइन और क्यों है खतरनाक?
मेथामफेटामाइन एक शक्तिशाली सिंथेटिक नशीला पदार्थ है, जिसे आमतौर पर क्रिस्टल मेथ या आइस के नाम से भी जाना जाता है।यह केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है और इसका सेवन गंभीर शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।इस पदार्थ की लत लगने का खतरा अधिक होता है। लंबे समय तक सेवन से व्यक्ति के स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं।भारत में इस पदार्थ के अनधिकृत निर्माण, बिक्री, खरीद, परिवहन और कब्जे पर एनडीपीएस कानून के तहत कार्रवाई का प्रावधान है।
तस्करी के नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश
भोपाल में पकड़ी गई ड्रग्स की बड़ी खेप के बाद अब जांच का प्रमुख विषय इसके स्रोत और अंतिम ठिकाने का पता लगाना है।अधिकारियों को यह भी पता लगाना होगा कि गिरफ्तार व्यक्ति किसी बड़े अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क से जुड़ा है या नहीं।डीआरआई ने कहा है कि खुफिया जानकारी के आधार पर ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। एजेंसी का उद्देश्य मादक पदार्थों की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क को तोड़ना और खतरनाक सिंथेटिक ड्रग्स को अवैध बाजार तक पहुंचने से रोकना है।