New दिल्ली : दिल्ली नगर निगम के सदन में मंगलवार को हुई एक घटना को लेकर सियासी विवाद बढ़ गया। सदन के नेता जय भगवान यादव ने आम आदमी पार्टी के नेता विपक्ष अंकुश नारंग और कुछ अन्य AAP पार्षदों पर नगर निगम सदन परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार और कथित धक्का-मुक्की करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सदन की गरिमा, अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
जय भगवान यादव ने कहा कि दिल्ली नगर निगम का जनरल हाउस मंगलवार को सामान्य और व्यवस्थित तरीके से चल रहा था। उनके मुताबिक, बैठक में पार्षद दिल्ली से जुड़े कई महत्वपूर्ण नागरिक मुद्दों पर चर्चा कर रहे थे। इनमें प्रदूषण, अनधिकृत निर्माण और जनहित से संबंधित दूसरे विषय शामिल थे।
यादव ने कहा कि विभिन्न वार्डों से चुने गए पार्षद सदन में अपने सुझाव रख रहे थे और नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा चल रही थी। उनका कहना था कि ऐसी स्थिति में सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों से अपेक्षा की जाती है कि वे सदन की कार्यवाही में सकारात्मक और रचनात्मक तरीके से भाग लें।
उन्होंने आरोप लगाया कि AAP के नेता विपक्ष अंकुश नारंग और उनके साथ मौजूद कुछ पार्षद बैठक शुरू होने के करीब दो घंटे बाद सदन परिसर पहुंचे। यादव के अनुसार, जब वे प्रवेश करने लगे तो मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें निर्धारित प्रवेश द्वार से अंदर जाने के लिए कहा। इसी बात को लेकर कथित तौर पर विवाद शुरू हुआ।
यादव का आरोप है कि इस दौरान सुरक्षाकर्मियों के साथ बहस हुई और कुछ पार्षदों ने कथित तौर पर धक्का-मुक्की तथा दुर्व्यवहार किया। उन्होंने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि सदन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
हालांकि ये आरोप जय भगवान यादव की ओर से लगाए गए हैं। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, AAP नेता अंकुश नारंग ने अपनी ओर से कहा कि सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें प्रवेश से रोका था। ऐसे में घटना को लेकर दोनों पक्षों के बयान अलग-अलग हैं और मामले के पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि सामने आना बाकी है।
जय भगवान यादव ने कहा कि निगम सदन लोकतांत्रिक चर्चा का महत्वपूर्ण मंच है और यहां जनप्रतिनिधियों को अपने मतभेद नियमों और संसदीय मर्यादा के भीतर रखने चाहिए। उन्होंने कहा कि सदन की सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों के साथ किसी भी तरह का कथित दुर्व्यवहार गंभीर विषय है।
उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा कर्मचारी सदन परिसर में व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात रहते हैं और उन्हें निर्धारित नियमों के अनुसार ही प्रवेश व्यवस्था संभालनी होती है। यदि किसी पार्षद को किसी व्यवस्था पर आपत्ति है तो उसे सदन की प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों के सामने उठाया जाना चाहिए।
यादव के मुताबिक, मंगलवार की बैठक में प्रदूषण और अनधिकृत निर्माण जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा चल रही थी। दिल्ली में अवैध निर्माण और असुरक्षित भवनों का मुद्दा हाल के दिनों में भी नगर निगम की बैठकों में प्रमुखता से उठता रहा है। सितंबर में MCD की स्थायी समिति में भी सभी 12 जोन में असुरक्षित और जर्जर भवनों की समीक्षा की गई थी।
AAP की ओर से भी हाल के दिनों में अनधिकृत निर्माण का मुद्दा उठाया गया है। 25 सितंबर को नेता विपक्ष अंकुश नारंग ने एक स्थायी समिति बैठक के संदर्भ में कथित अवैध PG निर्माण का मुद्दा उठाते हुए MCD की कार्रवाई पर सवाल किए थे। यह विवाद उस व्यापक राजनीतिक बहस का हिस्सा है जिसमें दिल्ली में भवन सुरक्षा और अवैध निर्माण को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं।
मंगलवार की घटना के बाद जय भगवान यादव ने सभी पार्षदों से सदन की मर्यादा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन सदन में अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना सभी निर्वाचित सदस्यों की साझा जिम्मेदारी है।
उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम की बैठक का मुख्य उद्देश्य दिल्ली के नागरिक मुद्दों पर चर्चा और समाधान निकालना होना चाहिए। ऐसे में किसी भी विवाद के कारण मूल एजेंडा प्रभावित नहीं होना चाहिए।
दिल्ली नगर निगम में पिछले कुछ समय से सत्ता और विपक्ष के बीच विभिन्न मुद्दों पर लगातार राजनीतिक टकराव देखने को मिल रहा है। अनधिकृत निर्माण, सफाई, प्रदूषण और प्रशासनिक फैसलों को लेकर दोनों पक्ष एक-दूसरे पर सवाल उठाते रहे हैं।
मंगलवार की घटना ने अब सदन की सुरक्षा व्यवस्था और प्रवेश प्रक्रिया को भी राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। जय भगवान यादव ने जहां AAP पार्षदों पर सुरक्षा कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाया, वहीं विपक्ष की ओर से प्रवेश रोके जाने का दावा सामने आया है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह मामला आरोप और प्रत्यारोप के स्तर पर है। आगे यदि MCD प्रशासन, सुरक्षा अधिकारियों या किसी अन्य आधिकारिक जांच की ओर से विस्तृत तथ्य सामने आते हैं तो घटना की पूरी स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
कुल मिलाकर मंगलवार की निगम सदन बैठक में जनहित के मुद्दों पर चर्चा के बीच प्रवेश और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विवाद खड़ा हो गया। जय भगवान यादव ने इसे सदन की गरिमा और अनुशासन से जुड़ा मामला बताया है और सभी सदस्यों से व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।
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