शिमला/नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने और सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंच आसान बनाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने केंद्र सरकार के समक्ष महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा है। उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर शाहपुर-द्रम्मण-सिंहुटा-चुवाड़ी-चंबा-जोत-तीसा-साच-पांगी मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग की। इसके साथ ही चुवाड़ी से चंबा के बीच सुरंग निर्माण की लंबित मांग पर भी विचार करने का आग्रह किया।
नितिन गडकरी को सौंपा मांग पत्र
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने केंद्रीय मंत्री से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने लिखित पत्र के माध्यम से सड़क परियोजना की जरूरत और इसके रणनीतिक महत्व की जानकारी दी।पठानिया ने कहा कि प्रस्तावित मार्ग का विकास केवल स्थानीय लोगों की आवाजाही तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने केंद्र से आग्रह किया कि इस पूरे मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में शामिल करने के प्रस्ताव को जल्द मंजूरी दी जाए।उनका कहना था कि यदि सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा मिलता है, तो इसके विकास और सुधार के लिए बेहतर आधार तैयार हो सकेगा। इससे चंबा जिले के दूरदराज के क्षेत्रों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
सेना की आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण मार्ग
पठानिया ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि यह सड़क धर्मशाला के निकट योल कैंट स्थित भारतीय सेना के डिविजनल मुख्यालय के लिहाज से रणनीतिक महत्व रखती है। उन्होंने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में सैनिकों और सैन्य सामग्री को सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए यह मार्ग उपयोगी साबित हो सकता है।उन्होंने जोर दिया कि सड़क को व्यापक राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना में शामिल करना देश की सुरक्षा और सीमावर्ती इलाकों की कनेक्टिविटी दोनों के लिए जरूरी है।हालांकि, इस मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की औपचारिक मंजूरी अभी मिलना बाकी है।
चुवाड़ी-चंबा सुरंग निर्माण की भी मांग
विधानसभा अध्यक्ष ने चुवाड़ी से चंबा के बीच सुरंग बनाने का प्रस्ताव भी उठाया। पहाड़ी भूभाग के कारण इस क्षेत्र में यात्रा करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। सुरंग बनने से मार्ग अधिक सुगम होने और यात्रा के समय में कमी आने की संभावना है।उन्होंने कहा कि सड़क और सुरंग परियोजना को एक व्यापक योजना के तहत विकसित करने से स्थानीय निवासियों, पर्यटकों और सुरक्षा बलों को फायदा मिल सकता है। इससे गगल हवाई अड्डे से चंबा और पांगी की ओर आने-जाने वाले लोगों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
पहले से विकसित हिस्से को जोड़ने पर जोर
पठानिया ने बताया कि शाहपुर-द्रम्मण-सिंहुटा-चुवाड़ी-चंबा वाया जोत मार्ग का एक हिस्सा पहले ही विश्व बैंक और सीआईएफ के तहत चौड़ा किया जा चुका है। उनके अनुसार, यह सड़क अब लगभग डबल लेन के स्वरूप में है।उन्होंने यह भी कहा कि चंबा-तीसा-बैरागढ़-साच मार्ग को ग्रेफ के तहत विकसित करने का प्रस्ताव विचाराधीन है, लेकिन केवल इस हिस्से को शामिल करने से पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी संबंधी जरूरत पूरी नहीं होगी। इसलिए द्रम्मण-सिंहुटा-चुवाड़ी-चंबा वाया जोत मार्ग को भी प्रस्ताव में शामिल करने की मांग की गई।
नई नीति के बाद प्रस्ताव पर होगा विचार
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पठानिया को आश्वस्त किया कि नए राष्ट्रीय राजमार्गों की घोषणा के लिए केंद्र सरकार नई नीति और मानदंडों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है। उन्होंने कहा कि दिशा-निर्देश तय होने के बाद सड़क के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।गडकरी ने चंबा जिले और देश के लिए इस मार्ग के रणनीतिक महत्व को स्वीकार किया। हालांकि, अंतिम मंजूरी नई नीति के मानदंडों और केंद्र सरकार के निर्णय पर निर्भर करेगी।
पर्यटन और स्थानीय विकास को मिलेगा लाभ
प्रस्तावित सड़क के राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में विकसित होने से पांगी और चंबा के अन्य दुर्गम क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में सुधार की उम्मीद है। इससे स्थानीय लोगों की आवाजाही, पर्यटन और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान हो सकती है।अब इस प्रस्ताव पर केंद्र सरकार के अगले कदम का इंतजार है। यदि मंजूरी मिलती है, तो चंबा जिले में सड़क ढांचे के विकास और रणनीतिक संपर्क को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती है।
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