दिल्ली I दिल्ली के 31 वर्षीय रियल एस्टेट प्रोफेशनल युवराज सिंह मनचंदा की हत्या के मामले में जांच को गलत तरीके से संभालने के लिए दिल्ली की एक अदालत ने गुरुग्राम पुलिस की कड़ी आलोचना की है। इसके बाद, गुरुग्राम पुलिस ने उस डॉक्टर को सस्पेंड करने की मांग की है, जिसने युवराज का पोस्टमार्टम किया था। आरोप है कि डॉक्टर ने युवराज की गर्दन पर लगी गोली के निशानों को नहीं देखा और रिपोर्ट में 'कोई चोट नहीं' (nil injuries) दर्ज कर दी।
15 अक्टूबर को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास राहुल जैन की अदालत में पुलिस और मेडिकल ऑफिसर के बीच एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। गुरुग्राम पुलिस ने साकेत कोर्ट में एक हलफनामा दायर कर, सेक्टर-10, सिविल अस्पताल, गुरुग्राम के मेडिकल ऑफिसर डॉ. मानव चौहान को सस्पेंड करने की मांग की है। पुलिस का आरोप है कि डॉक्टर ने गोली के निशानों को नजरअंदाज कर दिया। वहीं, मेडिकल ऑफिसर ने खुद को बेकसूर बताया है। अदालत में अपना पक्ष रखते हुए डॉक्टर ने दावा किया कि शव के 'बहुत ज्यादा सड़-गल जाने' (advanced decomposition) की वजह से गोली के निशान शायद उनकी नजर से छूट गए होंगे।