दिल्ली सरकार एक नई पहल के तहत फ्लाईओवर के नीचे की उपेक्षित जगहों को खास थीम वाले सार्वजनिक स्थानों में बदलने जा रही है। इस काम के लिए बड़ी कंपनियों के 'कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी' (CSR) फंड का इस्तेमाल किया जाएगा। दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने गुरुवार को बताया कि सरकार ने इन जगहों को फिर से विकसित करने के लिए कई कंपनियों के साथ साझेदारी की है। कंपनियों के साथ हुए समझौतों (MoUs) में यह भी तय किया गया है कि वे अगले दो से तीन साल तक इन जगहों की देखरेख करेंगी। इस पहल के तहत इंडियन ऑयल ने पांच फ्लाईओवर की जिम्मेदारी ली है। वर्मा के अनुसार, कंपनी हर जगह के आसपास के माहौल को समझ रही है, ताकि उस जगह के लिए एक अलग और उपयुक्त थीम चुनी जा सके।
प्रवेश वर्मा ने कहा, "पहले इन फ्लाईओवर के नीचे अक्सर भिखारी और असामाजिक तत्व डेरा डाले रहते थे। वहां बहुत गंदगी और अंधेरा होता था, और चारों तरफ कूड़ा-कचरा फैला रहता था। जब से हमारी सरकार सत्ता में आई है, हमने बड़ी राष्ट्रीय कंपनियों के साथ मिलकर उनके CSR फंड के जरिए इन जगहों को नया रूप देने का काम शुरू किया है।" सरकार की योजना हर जगह को एक अलग पहचान देने की है, न कि हर जगह पर एक जैसा डिज़ाइन लागू करने की। ये थीम वहां के आसपास के माहौल से जुड़ी होंगी; इनमें वन्यजीव (wildlife) और विज्ञान व तकनीक (science and technology) जैसे विषय शामिल हैं। उन्होंने बताया, "उदाहरण के लिए, एक फ्लाईओवर पर वन्यजीव थीम होगी, जबकि दूसरे पर विज्ञान और तकनीक की थीम होगी। हर जगह की अपनी एक अलग थीम होगी, ताकि जब लोग बाहर निकलें तो उन्हें अपने आसपास का माहौल सुंदर और सुखद लगे।"
इस पहल में इन जगहों के रखरखाव की भी व्यवस्था है। वर्मा ने बताया कि कंपनियों के साथ हुए समझौतों में दो से तीन साल तक इन जगहों की देखभाल करने की शर्त भी शामिल है, ताकि यह काम सिर्फ एक बार के बदलाव तक ही सीमित न रहे। मंत्री ने कहा कि इस प्रोजेक्ट का मकसद सड़क किनारे की जगहों और पूरे शहरी माहौल को बेहतर बनाना है। दिल्ली सरकार, लोक निर्माण विभाग (PWD) के साथ मिलकर इस पहल को लागू कर रही है।