Delhi शाम 4 बजे शहर का औसत AQI 369 दर्ज किया गया, जो लगातार चौथे दिन हवा की बहुत खराब गुणवत्ता को दर्शाता है। औसत AQI सोमवार को 324 से बढ़कर मंगलवार को 350 और बुधवार को 377 हो गया, जो लगातार बिगड़ती स्थिति को दिखाता है। जहांगीरपुरी और पंजाबी बाग में सबसे अधिक AQI (456) दर्ज किया गया, इसके बाद रोहिणी (450) और IIT दिल्ली (449) का नंबर रहा।
कुल 59 सक्रिय मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 18 में प्रदूषण का स्तर 'गंभीर' (severe) श्रेणी में दर्ज किया गया। 'एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम' ने शुक्रवार से रविवार तक हवा की गुणवत्ता 'गंभीर' रहने का अनुमान जताया है। अगले छह दिनों तक प्रदूषण का स्तर 'गंभीर' और 'बहुत खराब' श्रेणियों के बीच रहने की संभावना है।
वीकेंड के दौरान प्रदूषण के स्रोतों में भी बदलाव आने की उम्मीद है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के 'डिसीजन सपोर्ट सिस्टम' के अनुसार, गुरुवार को दिल्ली में PM2.5 प्रदूषण में पराली जलाने का योगदान 15.6 प्रतिशत था। अनुमान है कि शुक्रवार को यह बढ़कर 19.2 प्रतिशत हो जाएगा, और फिर शनिवार को घटकर 1.5 प्रतिशत रह जाएगा। वहीं, वाहनों से होने वाले उत्सर्जन का हिस्सा गुरुवार के 17.9 प्रतिशत से बढ़कर शनिवार को 21.1 प्रतिशत होने का अनुमान है।
'एनवायरोकैटलिस्ट्स' (Envirocatalysts) के संस्थापक और प्रमुख विश्लेषक सुनील दहिया ने बताया कि एक 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' (पश्चिमी विक्षोभ) के कारण उत्तर-पश्चिमी हवाएं कमजोर पड़ सकती हैं और दिवाली के आसपास हवा की दिशा बदलकर पूर्वी हो सकती है। हवा की धीमी गति और सुबह के समय छाने वाली धुंध के कारण वाहनों, उद्योगों, कचरा जलाने और पटाखों से निकलने वाला धुआं और प्रदूषक तत्व हवा में ही फंस सकते हैं, जिससे प्रदूषण का बोझ और बढ़ जाएगा।