दिल्ली: राजीव गांधी सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल में तीन मरीजों की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ
दिल्ली न्यूज़: ताहिरपुर स्थित राजीव गांधी सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल में सोमवार को तीन मरीजों की मौत हो गई। इसे लेकर मरीजों के तीमारदारों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। यहां कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई। दीवारों पर लगे शीशे तोड़े गए। किसी तरह वरिष्ठ डाक्टरों के समझाने के बाद तीमारदार शांत हुए। इसके बाद शवों को अपने साथ लेकर गए। अस्पताल के निदेशक डा. सुनील अग्रवाल ने मरीजों की मौत पर संवेदना जाहिर की। उन्होंने कहा कि तीनों की मौत की उच्चस्तरीय जांच शुरू की गई है। जांच में सामने आए तथ्याें के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के मुताबिक अस्पताल में फिलहाल इमरजेंसी सेवाएं बंद हैं। बुधवार से इन्हें पूरी तरह से शुरू करने की तैयारी है। इस बीच हृदय रोग विभाग में इमरजेंसी चलाई जा रही थी। सोमवार को यहां पहुंचे मरीजों में तीन की मौत हो गई। इनकी पहचान केवल राम, विनोद कुमार और पूजा सब्बरवाल के रूप में हुई है। केवल राम मेरठ से यहां इमरजेंसी में आए थे। जबकि विनोद कुमार जीटीबी अस्पताल से रेफर होकर पहुंचे थे। इन दोनों की हालत नाजुक थी।
ड्यूटी पर मौजूद डाक्टरों के मुताबिक इन दोनों की मौत अस्पताल पहुंचने के आधे घंटे के भीतर हो गई। वहीं पूजा सब्बरवाल ओपीडी में पहुंची थी। उनकी हालत भी काफी नाजुक थी। सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। तुरंत स्टेंट डालने की जरूरत थी। इसकी प्रक्रिया शुरू की गई। आपरेशन के जरिये स्टेंट डाले गए। इसके बाद उन्हें सीसीयू (क्रिटिकल केयर यूनिट) में भेजा गया। यहां पहुंचने के एक घंटे के भीतर उन्होंने दम तोड़ दिया। इसे लेकर उनके स्वजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। उनके साथ अन्य दोनों मरीजों के स्वजन भी शामिल हो गए। पूजा के बेटे हिमांशु ने बताया कि सीसीयू में कोई डाक्टर मौजूद नहीं था। इस वजह से उनकी मां की देखभाल नहीं हो पाई। कोई उन्हें जवाब भी नहीं दे रहा था। हंगामे को रोकने के लिए जीटीबी एनक्लेव थाने के दो पुलिसकर्मी भी पहुंचे। लेकिन आक्रोश बढ़ चुका था। इस दौरान यहां मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मारपीट शुरू कर दी गई। अस्पताल की मीडिया प्रवक्ता डा. छवि गुप्ता और हृदय रोग विभाग के कंसल्टेंट डा. प्रवीण कुमार ने मृतकों के स्वजनों से बातचीत की। इसके बाद मामला शांत हुआ। लेकिन एक दिन में एक विभाग में तीन मरीजों की मौत ने सवाल खड़े कर दिए गए हैं।