दिल्ली दंगे: अदालत ने किया10 अभियुक्तों के खिलाफ आरोप तय

दिल्ली की एक स्थानीय अदालत ने फरवरी 2020 में हुए।

Update: 2021-12-16 18:38 GMT

नयी दिल्ली,  दिल्ली की एक स्थानीय अदालत ने फरवरी 2020 में हुए दंगों के मामले में 10 लोगों के खिलाफ आरोप तय करते हुए कहा कि वे हिंदू समुदाय में भय व दहशत पैदा करने और उन्हें देश छोड़ने की धमकी देने के उद्देश्य से बनाई गई गैरकानूनी सभा के सदस्य थे। पुलिस के अनुसार 10 आरोपियों ने 25 फरवरी 2020 को दिल्ली के भागीरथी विहार इलाके में हिंसा और लूटपाट की और ''हिंदू समुदाय के सदस्यों'' की संपत्तियों को आग लगा दी।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र भट ने गवाहों के बयानों पर भरोसा करते हुए कहा, ''पेश की गई सामग्री प्रथम दृष्टया खुलासा करती है कि आरोपी एक गैरकानूनी सभा के सदस्य थे, जिसे हिंदू समुदाय के लोगों में भय व दहशत पैदा करने, उन्हें देश छोड़ने के लिये धमकाने और आगजनी व लूट के उद्देश्य से बनाया गया था।''
न्यायाधीश ने 13 दिसंबर के आदेश में मोहम्मद शाहनवाज, मोहम्मद शोएब, शाहरुख, राशिद, आजाद, अशरफ अली, परवेज, मोहम्मद फैसल, राशिद और मोहम्मद ताहिर के खिलाफ आरोप तय किए। इनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 436, 452, 454, 392, 427 और 149 के तहत आरोप तय किये गए हैं।
प्राथमिकी जगदीश प्रसाद नामक व्यक्ति की शिकायत पर दर्ज की गई थी, जिसमें कहा गया था कि दंगाइयों ने उनके बेटे की वाहन पुर्जों की दुकान को जला दिया था। प्रसाद ने यह दावा भी किया था कि भीड़ ने दुकान में पेट्रोल बम फेंका, जिससे वह जल गई। प्रसाद ने कहा कि वह अपने दो भाइयों के साथ पीछे के गेट से भागकर जान बचाने में सफल रहा।
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