दिल्ली एनसीआर: देशी-विदेशी कलाकार यादगार अनुभव लेकर सूरजकुंड मेला से हुए विदा

Update: 2022-04-05 08:54 GMT

फरीदाबाद न्यूज़: 35वां सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला सोमवार को संपन्न हो गया. सात समंदर पार से आए प्रतिनिधि तथा देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकार व शिल्पकार विदाई के समय शिष्टाचार के नाते एक दूसरे की संस्कृति में रंगे नजर आए. मीठी यादों के साथ हुई यह विदाई ताउम्र सबके जहन में रहेगी.

दो सप्ताह से अधिक चले इस मेले में लगाए गए स्टॉल में धरती की सभी संस्कृति, धर्म व सभ्यता के नागरिकों का यहां एक साथ पड़ोसी की तरह रहना एक-दूसरे की शिष्टाचार की मोटी-मोटी बात तो सिखा ही गया. आज समाप्ति पर एक दूसरे से विदा होते समय मिश्रित संस्कृति के इस मेलजोल का रंग चढ़ा हुआ दिखाई दिया. हरियाणा (Haryana) की पुरानी परंपरा रही है कि जब भी हम एक दूसरे से मिलते हैं या विदाई लेते हैं तो राम-राम बोलते हैं. गुडबाय के इस दौर में राम-राम का इतना बोलबाला होगा यह देखकर हर कोई चकित था. इस मेले में जब स्थानीय लोगों ने विश्व भाषा का दर्जा लिए अंग्रेजी में विदेशियों को गुड बाय कहा तो लगभग सभी की ओर से राम-राम ही सुनाई दिया. सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में अंग्रेजी भाषा ने भले ही एक दूसरे को जोडऩे के लिए एक पुल का काम किया लेकिन अंत में हिंदी में बात करना अपनी शान समझ रहे थे. पार्टनर कंट्री उज्बेकिस्तान के नागरिक पगड़ी बांधकर पूरी तरह से हरियाणवी रंग में रंगे नजर आए. वहीं थीम प्रदेश जम्मू कश्मीर के नागरिक हरियाणा (Haryana) के लोगों की आवाज खुश नजर आए. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) का स्वच्छ भारत अभियान का नारा भी यहां सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में चरितार्थ होता नजर आया. मेले परिसर में कहीं भी गंदगी का नामोनिशान नहीं दिखाई दे रहा था. इसके लिए नगर निगम द्वारा बेहतरीन कूड़ा प्रबंधन किया गया था. फरीदाबाद  नगर निगम के कमिश्नर यशपाल यादव लगातार अधिकारियों के संपर्क में रहे तथा समय-समय पर भी कूड़ा प्रबंधन का जायजा भी लेते रहे. मेले में सुलभ शौचालय तथा सफाई व्यवस्था से सभी खुश नजर आए.




पर्यटन विभाग की कड़ी मेहनत की बदौलत अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प कला मेला सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. विभाग के प्रधान सचिव एम.डी. सिन्हा, प्रबंध निदेशक डा. नीरज कुमार तथा मेला अधिकारी राजेश जून 24 घंटे अपनी टीम सहित मेला स्थल पर तैनात रहे. उपायुक्त जितेंद्र यादव के मार्गदर्शन में जिला के सभी विभागों ने अच्छे तालमेल के साथ कार्य किया तथा इसे अंजाम तक पहुंचाया. डी.सी. खुद हर रोज मेले का जायजा लेने आते रहे. विभाग के अधिकारियों ने सभी प्रकार की व्यवस्थाओं में कोई कोर कसर नहीं रहने दी. विदेशी प्रतिनिधियों से लेकर देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों के लिए इतनी बड़ी व्यवस्था करना बहुत मुश्किल कार्य होता है लेकिन विभाग के अधिकारियों के अच्छे प्रबंधन की बदौलत यह मेला सफलतापूर्वक संपन्न हुआ.



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