Delhi दिल्ली सरकार ने बुधवार को अपने नए ट्रैफिक चालान समाधान सिस्टम को लागू करने पर रोक लगा दी। वकीलों ने इस सिस्टम पर आपत्ति जताई थी; उनका कहना था कि इससे चालान से जुड़े विवादों को सुलझाने का एक अहम हिस्सा अदालतों से हटकर एग्जीक्यूटिव अधिकारियों के पास जा सकता है। ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर पंकज कुमार सिंह ने कहा कि वकीलों की चिंताओं को गंभीरता से लिया जा रहा है और उन्होंने ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को निर्देश दिया कि वे आगे बढ़ने से पहले वकीलों की बात पर विचार करें। यह कदम गुरुवार को वकीलों के प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन से पहले उठाया गया है।
इस विवाद के केंद्र में सेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स, 1989 का संशोधित नियम 167 है। नए सिस्टम के तहत, गाड़ी चलाने वाले पहले किसी तय अथॉरिटी के सामने चालान को चुनौती दे सकते हैं। हालांकि, अगर उनकी शिकायत खारिज हो जाती है, तो उन्हें कोर्ट जाने से पहले चालान की रकम का 50% जमा करना होगा। दिल्ली सरकार के 14 सितंबर के नोटिफिकेशन में ट्रांसपोर्ट, रेवेन्यू, फूड एंड सप्लाई और एजुकेशन जैसे विभागों के अधिकारियों को समाधान के लिए अथॉरिटी के तौर पर नियुक्त किया गया था, और SDM व ADM इस प्रक्रिया की निगरानी करने वाले थे।
इस पॉलिसी का मकसद दिल्ली में चालान से जुड़े विवादों के भारी पेंडिंग मामलों के बीच उनके समाधान के लिए एक तेज़ प्रशासनिक रास्ता बनाना था। हालांकि, इस विवाद ने बहस का रुख एनफोर्समेंट की रफ़्तार से हटाकर उस सुरक्षा-व्यवस्था की ओर मोड़ दिया है जो एनफोर्समेंट को चुनौती देने वाले नागरिक को मिलती है।
Tags: