Delhi दिल्ली : एमसीडी में विपक्ष के नेता अंकुश नारंग ने शनिवार को आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार का "कूड़े से आज़ादी" अभियान महज एक तस्वीर खिंचवाने का मौका बनकर रह गया है क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। सिविल लाइंस ज़ोन के धीरपुर और कादीपुर वार्डों का दौरा करने वाले नारंग ने बताया कि निरंकारी समागम मैदान, जहाँ प्रधानमंत्री रैलियाँ करते हैं, अब कूड़े के ढेर में तब्दील हो गया है, जिससे पूरे अभियान की पोल खुल गई है।
"एमसीडी की स्थायी समिति की बैठक में भाजपा पार्षदों ने खुद स्वीकार किया कि मध्य, दक्षिण और पश्चिम ज़ोन में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। अगर महापौर अपने ही ज़ोन को साफ़ नहीं रख सकते, तो पूरी दिल्ली को कैसे साफ़ करेंगे?" भगवा पार्टी की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा, "दिल्ली की जनता ने बड़ी उम्मीदों के साथ भाजपा को चुना था। तथाकथित 'चार इंजन' वाली सरकार के बावजूद, दिल्ली में कूड़े की समस्या विकराल होती जा रही है। भाजपा, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मेयर राजा इकबाल सिंह की नाकामी के कारण दिल्ली कूड़े के ढेरों के शहर में तब्दील होती जा रही है।"
नारंग ने कहा, "मेयर के अपने ज़ोन में ही जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। चार दिन पहले कुछ पार्षदों ने मेयर से शिकायत की थी, लेकिन उन्होंने खुद को लाचार बताते हुए कहा कि जब उनके अपने ज़ोन की यह हालत है, तो वे दूसरों की क्या मदद कर सकते हैं?" जवाबदेही की माँग करते हुए नारंग ने कहा, "राजा इकबाल सिंह जैसे डमी को मेयर नियुक्त करना एक भूल थी। अगर वे अपने ज़ोन को ही नहीं सुधार सकते, तो पूरी दिल्ली में क्या बदलाव लाएँगे?"