नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। यह FIR एक कश्मीरी युवक की शिकायत पर दर्ज की गई है, जिसने आरोप लगाया है कि एक दिन पहले राजधानी के कनॉट प्लेस इलाके में कांग्रेस नेताओं के विरोध प्रदर्शन के दौरान उसके साथ मारपीट की गई थी।
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रशंसक बताया और आरोप लगाया कि गुरुवार को जब वह प्रधानमंत्री की तस्वीर लेकर विरोध प्रदर्शन वाली जगह पर पहुंचा, तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उसके साथ मारपीट की। हालांकि, पुलिस ने कहा कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।
पत्रकारों से बात करते हुए श्रीनगर के रहने वाले फहीम नज़ीर ने कहा, "1998 में पहली बार राजीव गांधी EVM लाए थे। आप सभी के पास फुटेज है। मैंने राहुल गांधी को अपशब्द नहीं कहे, लेकिन मुझे बुरी तरह पीटा गया।"
उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने लोगों को उस साजिश के बारे में जागरूक करने की पहल की थी, जिसे उन्होंने भारत को नेपाल या बांग्लादेश में बदलने की साजिश बताया।
उन्होंने कहा, "राहुल गांधी से सवाल पूछे जाने चाहिए। यह अभिव्यक्ति की आजादी है।"
खबरों के मुताबिक, युवक विरोध प्रदर्शन वाली जगह पर पहुंचा था और PM मोदी के समर्थन में नारे लगाने के बाद प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने कथित तौर पर उसके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि उसने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को अपशब्द कहे थे।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे घटना के एक वीडियो में दिख रहा है कि भीड़ में मौजूद लोग उस व्यक्ति को घेर लेते हैं, धक्का देते हैं, घसीटते हैं और बार-बार मारते-पीटते हैं।
बाद में युवक ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री का समर्थन करने के कारण कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उसके साथ मारपीट की, साथ ही उसने राहुल गांधी को अपशब्द कहने की बात से इनकार किया।
इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रिया हुई और BJP नेताओं ने कथित मारपीट की निंदा की।
BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किया और कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर "अराजक मानसिकता" दिखाने का आरोप लगाया।
एक अन्य BJP प्रवक्ता, साजिद यूसुफ शाह ने भी कथित मारपीट की आलोचना की और असहमति तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के प्रति कांग्रेस की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए।
इस बीच, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल चुनाव आयोग की 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इन प्रदर्शनों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेंद्र कुमार को भी निशाना बनाया गया है।