Delhi दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रविवार को वायु प्रदूषण का स्तर अत्यधिक बढ़ गया है। शहर पर धुंध की चादर छा गई है और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 443 दर्ज किया है, जिसे 'गंभीर' श्रेणी में रखा गया है। राजधानी में GRAP 4 (Graded Response Action Plan) लागू कर दिया गया है। इसका अर्थ है कि प्रदूषण को कम करने के लिए कड़े नियंत्रण और आपातकालीन उपाय किए जा रहे हैं। GRAP 4 के तहत निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध, पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा, वाहनों पर नियंत्रण, और निजी वाहनों के संचालन पर भी सख्ती बरती जा सकती है।
CPCB के अनुसार, वायु गुणवत्ता इतनी खराब है कि बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी समस्याओं से पीड़ित व्यक्तियों को घर से बाहर निकलने की सलाह नहीं दी जाती। लोगों को N95 मास्क पहनने और अनावश्यक बाहरी गतिविधियों से बचने की चेतावनी जारी की गई है। राष्ट्रीय राजधानी में धुंध का दृश्य AIIMS अस्पताल से कैद किए गए वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। अस्पताल के आसपास भी दृश्य अत्यधिक धुंधभरा और धुंध के कारण दृष्टि सीमित हो गई है। अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि ऐसे प्रदूषण से मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों दोनों की स्थिति प्रभावित हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली में वायु प्रदूषण का यह स्तर सामान्य नहीं है और यह मुख्यतः ठंड के मौसम, वायु संचित होने, उद्योगों से निकलने वाले धुएं, वाहनों के उत्सर्जन और आसपास के राज्यों से आने वाले धुएं के कारण है। इसके अलावा, खुले में पराली जलाना भी प्रदूषण बढ़ाने में एक प्रमुख कारण माना जाता है।
CPCB के आंकड़ों के अनुसार, राजधानी के विभिन्न इलाकों में वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बनी हुई है। पूर्वी दिल्ली, आईटीओ, नोएडा सीमा और दक्षिणी दिल्ली के क्षेत्रों में धुंध और स्मॉग के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने सलाह दी है कि लोगों को विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन रोग से पीड़ित व्यक्तियों को घर पर रहने और शारीरिक गतिविधियों को कम करने की आवश्यकता है। धुंधभरे मौसम में वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की भी चेतावनी दी गई है।