दिल्ली: दिल्ली पुलिस के एक्शन से राजधानी में अवैध हथियार की तस्करी का मामला हुआ कम
दिल्ली न्यूज़ अपडेटेड: राजधानी दिल्ली में अवैध हथियारों के इस्तेमाल को लेकर दिल्ली पुलिस सख्त एक्शन के साथ उसपर गंभीरता से काम कर रही है। इसका फायदा भी देखने को मिल रहा है। बीते तीन वर्षों से अवैध हथियारों के अपराध में इस्तेमाल होने के मामलों में लगातार कमी देखने को मिल रही है। वहीं अवैध हथियारों के तस्करों को पकड़ने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पुलिस का मानना है कि उनके इस प्रयास से भविष्य में अपराध में कमी देखने को मिलेगी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, राजधानी में बड़ी मात्रा में अवैध हथियारों को तस्करों द्वारा लाया जाता है। इन अवैध हथियारों का इस्तेमाल हत्या, हत्या के प्रयास, जबरन उगाही, लूट आदि को अंजाम देने के लिए किया जाता है। इन सभी वारदातों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस द्वारा अवैध हथियारों पर एक्शन लिया जा रहा है।
दिल्ली में अपराध के अंदर 2019 में जहां 736 जगह हथियार का इस्तेमाल हुआ था तो वहीं वर्ष 2020 में 672 अपराध में हथियार का इस्तेमाल हुआ था। जबकि वर्ष 2021 में हथियारों का इस्तेमाल 598 अपराध में हुआ है। पुलिस ने 2074 अवैध हथियारों को बरामद कर 3570 आरोपितों को गिरफ्तार भी किया। जबकि साल 2021 में अवैध हथियार को लेकर 2923 एफआईआर दर्ज हुई। पुलिस महासंघ के अध्यक्ष एंव पूर्व एसीपी वेदभूषण ने बताया कि अवैध हथियारों के इस्तेमाल से काफी अपराध को अंजाम दिया जाता है। पुलिस अगर इसे रोकने में कामयाब रहती है तो निश्चित तौर पर अपराध कम होंगे। उन्होंने बताया कि इसे रोकने के लिए दिल्ली पुलिस लगातार एक तरफ जहां अवैध हथियारों को इस्तेमाल करने वालों को गिरफ्तार करती है तो वहीं दूसरी तरफ उन तस्करों को भी पकड़ा जा रहा है जो दिल्ली एनसीआर के बदमाशों को यह हथियार सप्लाई करते हैं। ऐसे तस्कर पर एक्शन लेने के लिए दिल्ली पुलिस ने आर्म्स एक्ट की धारा में संशोधन करवाया है। इसके तहत कम से कम 10 साल की सजा का प्रावधान है।
पूर्व एसीपी वेदभूषण ने बताया कि दिल्ली में मध्य प्रदेश, उप्र और बिहार से ही ज्यादा अवैध हथियार सप्लाई किये जाते हैं। ऐसे हथियारों के खिलाफ स्थानीय पुलिस के अलावा अपराध शाखा एंव स्पेशल सेल भी एक्शन लेती है।