Noida नोएडा : दिल्ली की तर्ज पर नोएडा में भी पुराने वाहनों को ईंधन मिलने पर रोक लगने जा रही है। ऐसे करीब दो लाख से अधिक वाहनों को पेट्रोल देने पर सख्ती होगी है। यह नियम एक नवंबर से लागू होने जा रहा है।
सीएक्यूएम के निर्देशों के बाद परिवहन विभाग सख्ती करने जा रहा है। जल्द ही पेट्रोल पंपों पर एएनपीआर कैमरे लगाकर वाहनों की निगरानी की जाएगी। अगर वाहन पुराना निकलता है तो उसे ईंधन देने से मना कर दिया जाएगा। एनजीटी के नियम के अनुसार, पेट्रोल के वाहन की उम्र 15 वर्ष और डीजल के वाहन की उम्र 10 वर्ष है। इन वाहनों का समय बीत जाने के बाद इनका संचालन दिल्ली एनसीआर में नहीं हो सकता। गौतमबुद्धनगर में भी ऐसे दो लाख से अधिक वाहन हैं जो अपनी निर्धारित उम्र पूरी कर चुके हैं। सीएक्यूएम द्वारा अब इन पर पूर्ण पाबंदी लगाने का फैसला किया गया है।
बताते चलें कि पहले इसे दिल्ली में एक जुलाई से लागू किया जा रहा है। इसके बाद दिल्ली एनसीआर के अलग अलग शहरों में लागू किया जाएगा। इसकी तैयारी अभी से शुरू करनी होगी ताकि समय से इस नियम को लागू किया जा सके। उप संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ सियाराम वर्मा बताते हैं कि अगर किसी भी वाहन की उम्र पूरी हो चुकी है तो उन्हें हर हाल में या तो स्क्रैप कराना होगा या फिर उसे अन्य राज्यों या जिलों में ट्रांसफर कराकर ले जाना होगा जहां उनका संचालन किया जा सकता हो। अगर वाहन मालिक ऐसा नहीं करता है तो उसके वाहन को सीज किया जा सकता है। पुराने वाहन को चलाना नियम के खिलाफ है। प्रदूषण की समस्या को रोकने के लिए अब इन वाहनों को ईंधन देने पर रोक लगाई जाएगी।
एआरटीओ प्रशासन डॉ. सियाराम वर्मा ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर से बाहर यूपी के 33 ऐसे जिले हैं, जिनमें पुराने वाहन चल सकते हैं। इन जिलों में इटावा, संत कबीर नगर, कुशीनगर, जौनपुर, कन्नौज, बलिया, मैनपुरी, प्रतापगढ़, लखीमपुर, बदायूं, गाजीपुर, अमेठी समेत अन्य जिले शामिल हैं। पुराने वाहनों को लोग परिवहन विभाग से एनओसी लेकर इन जिलों में ले जा सकते हैं। यदि ये यहां दौड़ते मिलते हैं तो जब्त कर लिए जाएंगे। लोग पुराने वाहन को दूसरे जिले में ले जाने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) ले सकते हैं। इसके लिए परिवहन विभाग की वेबसाइट www.parivahan.gov.in पर आवेदन करना होगा।