Delhi हिरासत से रिहा होने के बाद, CJP नेताओं ने रविवार को अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली पुलिस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें बिना हिरासत या गिरफ्तारी के दस्तावेज़ दिखाए ही उठा लिया गया, वकीलों से मिलने नहीं दिया गया और बिना ज़रूरी कागज़ी कार्रवाई के उनके मोबाइल फ़ोन ज़ब्त कर लिए गए।
ताज़ा घटनाक्रम में, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं सौरव दास और आशुतोष रंका ने कहा कि वे विरोध प्रदर्शन करने के लिए दिल्ली पुलिस से नई मंज़ूरी लेंगे। इसके लिए वे सोमवार सुबह करीब 10 बजे पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुँचेंगे। CJP के मुख्य प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि नेताओं को अलग-अलग निजी गाड़ियों में ले जाया गया और अलग-अलग जगहों पर रखा गया।
CJP के सह-संयोजक आशुतोष रंका ने अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ हिरासत में हिंसा का आरोप लगाया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई के दौरान कथित उल्लंघनों को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और न्यायपालिका से सवाल किए।
नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि सरकार उन्हें बचाने के लिए पुलिस और सरकारी तंत्र का इस्तेमाल कर रही है। दास ने सभी राज्यों के लोगों से शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान करते हुए कहा, "लोगों को बाहर निकलना चाहिए और सड़कों पर उतरना चाहिए।"
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