नई दिल्ली: कांग्रेस की केरल इकाई को सुप्रीम कोर्ट में एक कानूनी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। यह मामला भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत को निशाना बनाने वाली एक विवादित सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा है। दो वकीलों ने इस मामले में अवमानना याचिका दायर की है, जबकि राज्य कांग्रेस नेतृत्व पहले ही इस पर खेद जता चुका है और खुद को इन टिप्पणियों से अलग कर लिया है।
वकीलों विनीत जिंदल और श्रीजेश एस.आर. ने मुख्य न्यायाधीश को एक पत्र लिखकर कांग्रेस की केरल इकाई के आधिकारिक 'X' (ट्विटर) हैंडल पर पोस्ट की गई इस विवादित सामग्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद कोर्ट ने इसे एक रिट याचिका के रूप में दर्ज कर लिया।
यह घटनाक्रम तब सामने आया है, जब राज्य कांग्रेस अध्यक्ष सनी जोसेफ ने सुप्रीम कोर्ट के एक वकील द्वारा भेजे गए कानूनी नोटिस का जवाब दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि यह पोस्ट पार्टी नेतृत्व की जानकारी या अनुमति के बिना प्रकाशित की गई थी।
अपने जवाब में जोसेफ ने स्पष्ट किया कि ये टिप्पणियां कांग्रेस का आधिकारिक रुख नहीं हैं और उन्होंने मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत से माफी मांगी।
उन्होंने यह भी बताया कि इस पोस्ट के लिए जिम्मेदार व्यक्ति, विजय थोट्टाथिल को उनके पद से हटा दिया गया है।
यह विवाद इस महीने की शुरुआत में नई दिल्ली में 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के सुप्रीम कोर्ट की ओर किए गए मार्च के दौरान शुरू हुआ था। यह मार्च मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष के विरोध प्रदर्शन का हिस्सा था।
यह मार्च तब आयोजित किया गया था, जब मुख्य न्यायाधीश ने कथित तौर पर यह बताया था कि कानूनी बाधाओं के कारण वे 'इंडिया' गठबंधन के नेताओं से मुलाकात नहीं कर सकते।
इसके बाद, राज्य कांग्रेस के आधिकारिक 'X' हैंडल से एक तीखी टिप्पणी की गई, जिसमें इस जवाब पर नाराजगी जताई गई। पोस्ट में लिखा था: "सूर्य कांत, इस्तीफा दें। हम आपकी जगह किसी और को ढूंढ लेंगे।"
इस पोस्ट की चौतरफा आलोचना हुई और जल्द ही इसे हटा दिया गया।
इसके बाद राज्य कांग्रेस नेतृत्व ने यह स्पष्ट करके डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की कि ये टिप्पणियां अनधिकृत थीं और पार्टी के रुख को नहीं दर्शातीं।
हालांकि, राज्य कांग्रेस नेतृत्व द्वारा माफी मांगने और अनुशासनात्मक कार्रवाई की घोषणा करने के बावजूद, इस नई कानूनी पहल ने विवाद को फिर से चर्चा में ला दिया है।