नई दिल्ली। देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक विवाद के बीच कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोमवार, 12 अक्टूबर को दिल्ली में बड़े विरोध मार्च का आह्वान किया है। उन्होंने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए आम नागरिकों से इस प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। कांग्रेस नेता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध जताने की घोषणा करते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर मतदाता अधिकारों से जुड़े गंभीर आरोप लगाए हैं।वेणुगोपाल ने अपने संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि देशभर में कथित तौर पर मतदाताओं के वोट चोरी किए जा रहे हैं। उन्होंने इस मुद्दे को भारतीय लोकतंत्र के भविष्य से जोड़ते हुए नागरिकों से दिल्ली में आयोजित होने वाले विरोध मार्च में भाग लेने की अपील की। हालांकि, कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोप राजनीतिक दावे हैं और इन्हें किसी न्यायिक या स्वतंत्र जांच के प्रमाणित निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
12 अक्टूबर को दिल्ली में विरोध मार्च की तैयारी
कांग्रेस ने 12 अक्टूबर को दिल्ली में बड़े विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। इस प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका है।केसी वेणुगोपाल ने शनिवार को सोशल मीडिया के माध्यम से इस कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने लोकतंत्र और मतदान अधिकारों को लेकर चिंतित नागरिकों से विरोध मार्च में शामिल होने की अपील की।कांग्रेस की ओर से यह प्रदर्शन विपक्ष के व्यापक अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है। पार्टी पहले भी एसआईआर प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध जताती रही है।
वेणुगोपाल ने मोदी सरकार पर लगाए आरोप
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने अपनी पोस्ट में केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में देशभर में कथित रूप से मतदाताओं के अधिकार प्रभावित किए जा रहे हैं।वेणुगोपाल ने इसे 'वोट चोरी' का मुद्दा बताते हुए लोगों से विरोध मार्च में शामिल होने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र के भविष्य को लेकर चिंतित नागरिकों को इस विषय पर अपनी आवाज उठानी चाहिए।हालांकि, बीजेपी और निर्वाचन आयोग विपक्ष के मतदाता सूची में धांधली संबंधी आरोपों से इनकार करते रहे हैं। निर्वाचन आयोग का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण का उद्देश्य अमान्य और त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों की पहचान करना है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं।विपक्ष का आरोप है कि एसआईआर प्रक्रिया के कारण पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने का खतरा पैदा हुआ है।कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग भी उठाई है।इस मुद्दे को लेकर पिछले दिनों दिल्ली में कई विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए हैं।12 अक्टूबर का प्रस्तावित मार्च इसी राजनीतिक विरोध को आगे बढ़ाने का प्रयास है।कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची से संबंधित शिकायतों और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।
क्या है विशेष गहन पुनरीक्षण?
विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर मतदाता सूची की जांच और अद्यतन करने की प्रक्रिया है।इसके तहत मतदाताओं की पात्रता तथा मतदाता सूची में दर्ज जानकारी का सत्यापन किया जाता है।निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को सही और अद्यतन बनाए रखना है।वहीं, विपक्षी दलों ने प्रक्रिया के तरीके और मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंकाओं पर सवाल उठाए हैं।इस विवाद में मुख्य मुद्दा यह है कि सूची में सुधार के दौरान किसी पात्र नागरिक का मतदान अधिकार प्रभावित न हो।मतदाता सूची की शुद्धता और सभी पात्र नागरिकों की भागीदारी दोनों ही चुनावी प्रक्रिया के महत्वपूर्ण पहलू हैं।
पहले भी दिल्ली में हुआ विरोध प्रदर्शन
एसआईआर विवाद को लेकर दिल्ली में पहले भी विपक्षी दल प्रदर्शन कर चुके हैं।6 अक्टूबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी सांसदों ने निर्वाचन आयोग के कार्यालय की ओर मार्च करने का प्रयास किया था।पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया, जिसके बाद नेताओं ने धरना दिया।इस दौरान कई नेताओं और सांसदों को हिरासत में लिया गया था।विरोध प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई थी।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी हुए थे हिरासत में
दिल्ली में 6 अक्टूबर को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को भी पुलिस ने हिरासत में लिया थाविपक्षी सांसद निर्वाचन आयोग के कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायतें रखना चाहते थे।पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद नेताओं ने आकाशवाणी भवन के पास धरना दिया।कई घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद पुलिस ने नेताओं को वहां से हटाया।इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपना विरोध जारी रखने की बात कही थी।
कांग्रेस ने शुरू किया व्यापक अभियान
कांग्रेस ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के खिलाफ 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान की घोषणा की है।पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पहले भी कहा था कि इस मुद्दे पर देशभर में विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।कांग्रेस का कहना है कि वह चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर अभियान चलाएगी।इस अभियान के तहत विभिन्न स्तरों पर प्रदर्शन, सभाएं और जनसंपर्क कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।12 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाला विरोध मार्च भी इसी अभियान की एक कड़ी है।
चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच मतभेद
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर निर्वाचन आयोग और विपक्षी दलों के बीच मतभेद बने हुए हैं।विपक्ष का कहना है कि प्रक्रिया में संभावित त्रुटियों से पात्र मतदाताओं को नुकसान हो सकता है।वहीं, निर्वाचन आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सत्यापन आवश्यक है।इस विवाद में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने, पंजीकरण की प्रक्रिया और संबंधित शिकायतों के निस्तारण जैसे मुद्दे प्रमुख हैं।किसी भी विशिष्ट अनियमितता का निष्कर्ष संबंधित अभिलेखों, जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही निकाला जा सकता है।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था भी रहेगी अहम
राजधानी में हाल के दिनों में चुनाव आयोग से संबंधित विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।10 अक्टूबर को जंतर-मंतर क्षेत्र में आयोजित प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने यातायात प्रतिबंध और सुरक्षा संबंधी कदम उठाए थे।कई स्थानों पर बैरिकेडिंग और वाहनों की जांच की व्यवस्था भी की गई।12 अक्टूबर के प्रस्तावित मार्च को लेकर सुरक्षा और यातायात की अंतिम व्यवस्था संबंधित अधिकारियों के निर्देशों पर निर्भर करेगी।मार्च का सटीक मार्ग और अनुमति संबंधी स्थिति आधिकारिक घोषणाओं से स्पष्ट होगी।
12 अक्टूबर के प्रदर्शन पर टिकी निगाहें
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के आह्वान के बाद अब 12 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित विरोध मार्च पर राजनीतिक नजरें टिकी हैं।पार्टी ने एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर अपना विरोध जारी रखने का फैसला किया है।वेणुगोपाल ने आम नागरिकों से भी इस प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।दूसरी ओर निर्वाचन आयोग और बीजेपी विपक्ष के चुनावी धांधली संबंधी आरोपों से इनकार करते रहे हैं।आगामी प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल अपनी मांगों को किस तरह आगे बढ़ाते हैं, यह सोमवार को स्पष्ट होगा।
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