नई दिल्ली। भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री और कांग्रेस की दिग्गज नेता स्वर्गीय इंदिरा गांधी की 42वीं पुण्यतिथि पर शनिवार, 31 अक्टूबर को देशभर में उन्हें याद किया गया। इस अवसर पर कांग्रेस ने उन्हें अटूट साहस, दृढ़ संकल्प और दूरदर्शी नेतृत्व की मिसाल बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नई दिल्ली स्थित उनके स्मारक शक्ति स्थल पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और सांसद भी मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने देश की एकता, अखंडता और आधुनिक भारत के निर्माण में इंदिरा गांधी के योगदान को याद किया।

शक्ति स्थल पर जुटे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता

इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने हिस्सा लिया। मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने शक्ति स्थल पर पहुंचकर पूर्व प्रधानमंत्री को नमन किया। नेताओं ने उनकी समाधि पर फूल चढ़ाए और उनके योगदान को याद किया।

इसके बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने सफदरजंग रोड स्थित इंदिरा गांधी स्मारक पर भी श्रद्धांजलि अर्पित की। यह वही स्थान है, जहां इंदिरा गांधी अपने प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान रहती थीं।

कार्यक्रम में कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता और सांसद भी शामिल हुए। इस मौके पर नेताओं ने कहा कि इंदिरा गांधी का राजनीतिक जीवन, उनका नेतृत्व और देश के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।

खरगे ने बताया अदम्य साहस और दूरदर्शी नेतृत्व की प्रतीक

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इंदिरा गांधी को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें अटूट साहस, दृढ़ संकल्प और दूरदर्शी नेतृत्व का प्रतीक बताया।

उन्होंने कहा कि एक मजबूत और प्रगतिशील भारत के निर्माण में इंदिरा गांधी का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए उनका सर्वोच्च बलिदान भारतीयों की सामूहिक स्मृति में हमेशा अंकित रहेगा।

खरगे ने एक अन्य पोस्ट में इंदिरा गांधी के विचारों को साझा करते हुए उन्हें कांग्रेस और देश के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और सम्मान की रक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता तथा आधुनिक भारत के निर्माण में उनका योगदान राष्ट्रीय चेतना में हमेशा जीवित रहेगा।

खरगे ने अपने संदेश में कहा कि उनका साहस हमारी प्रेरणा है और उनका बलिदान हमारी अमिट स्मृति है।

दादी को याद कर राहुल गांधी ने साझा किया संस्कृत श्लोक

इस अवसर पर राहुल गांधी का संदेश भावनात्मक रहा। उन्होंने अपनी दादी इंदिरा गांधी के साथ बिताए बचपन के पलों को याद करते हुए एक संस्कृत श्लोक साझा किया। राहुल ने बताया कि यह श्लोक उन्हें उनकी दादी ने सिखाया था।

उन्होंने लिखा कि दादी की गोद में बैठकर, उनके दोनों हाथ थामकर और उनकी आवाज सुनकर इस श्लोक को दोहराना उनके लिए एक खूबसूरत याद है। राहुल गांधी ने श्लोक के माध्यम से असत्य से सत्य, अंधकार से प्रकाश और मृत्यु से अमरता की ओर ले जाने की प्रार्थना को याद किया।

उन्होंने अपनी दादी को संबोधित करते हुए लिखा कि उन्होंने उन्हें कितना सुंदर उपहार दिया था, इसका एहसास अब और गहराई से होता है।

राहुल गांधी का यह संदेश सोशल मीडिया पर चर्चा में रहा। राजनीतिक संदेशों से अलग इसमें दादी और पोते के रिश्ते की व्यक्तिगत स्मृतियां भी सामने आईं।

प्रियंका गांधी ने पुरानी तस्वीर साझा कर किया याद

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी अपनी दादी और देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भावुक अंदाज में याद किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर बचपन की एक तस्वीर साझा की, जिसमें वह अपनी दादी के साथ नजर आ रही हैं।

प्रियंका गांधी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि वह कितनी सुंदर महिला थीं। वह आकाश की तरह स्वतंत्र, समुद्र की तरह गहरी, धरती की तरह सहनशील और आग की तरह तेजस्वी थीं।

प्रियंका के इस संदेश में इंदिरा गांधी के व्यक्तित्व के साथ उनके पारिवारिक और भावनात्मक पक्ष की झलक भी देखने को मिली। उन्होंने अपनी दादी को एक मजबूत, साहसी और प्रेरणादायक महिला के रूप में याद किया।

कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से भी श्रद्धांजलि संदेश जारी किया गया। पार्टी ने उन्हें अदम्य साहस और इच्छाशक्ति का प्रतीक बताते हुए देश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में उनके योगदान को याद किया।

कौन थीं इंदिरा गांधी? देश की पहली महिला प्रधानमंत्री

इंदिरा गांधी का जन्म 19 नवंबर 1917 को हुआ था। वह भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की बेटी थीं। उन्होंने 1966 में पहली बार देश की प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। इसके बाद 1977 तक इस पद पर रहीं और 1980 में दोबारा प्रधानमंत्री बनीं।

उनके राजनीतिक कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण घटनाएं हुईं। वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध और बांग्लादेश के निर्माण में उनके नेतृत्व को ऐतिहासिक रूप से याद किया जाता है। उनके शासनकाल में बैंक राष्ट्रीयकरण, हरित क्रांति को प्रोत्साहन और अंतरिक्ष एवं परमाणु कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए।

हालांकि, उनके कार्यकाल में 1975 से 1977 तक लगा आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का विवादास्पद अध्याय भी रहा। उनके राजनीतिक जीवन में उपलब्धियों के साथ कई बड़े विवाद भी जुड़े रहे।

31 अक्टूबर 1984 को नई दिल्ली में उनके दो सुरक्षा कर्मियों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। उस समय वह प्रधानमंत्री पद पर थीं। उनकी पुण्यतिथि पर देशभर में उन्हें याद किया जाता है।

42वीं पुण्यतिथि पर देश ने किया याद

इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर कांग्रेस नेताओं के अलावा देश के विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनके योगदान, नेतृत्व और देश की राजनीति पर पड़े प्रभाव को याद किया गया।

कांग्रेस के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इंदिरा गांधी पार्टी की सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल रही थीं। उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने देश की राजनीति में कई महत्वपूर्ण पड़ाव देखे।

शक्ति स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ राहुल, सोनिया और खरगे ने उनके आदर्शों तथा राष्ट्र के प्रति समर्पण को याद किया। इस अवसर पर कांग्रेस ने देश की एकता, अखंडता और प्रगति के लिए उनके योगदान को अपनी राजनीतिक और ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

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