नई दिल्ली : भारत में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर सोशल मीडिया और कुछ अन्य माध्यमों में किए गए उन दावों पर केंद्र सरकार ने प्रतिक्रिया दी है, जिनमें कहा जा रहा था कि सम्मेलन में शामिल होने के बाद कई राष्ट्र प्रमुख बीमार पड़ गए। सरकार ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि इस तरह की कोई घटना सामने नहीं आई है।

राजधानी दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को BRICS शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया था। इस बैठक में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत कई देशों के प्रमुख और प्रतिनिधि शामिल हुए थे।

सम्मेलन के बाद सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट और दावे सामने आए, जिनमें कहा गया कि बैठक में शामिल होकर लौटे कई विदेशी नेता कथित तौर पर बीमार हो गए। इन दावों को लेकर केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि ऐसी किसी भी घटना की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

सरकार ने दावों को बताया गलत

सरकार की ओर से कहा गया कि BRICS सम्मेलन के दौरान और उसके बाद विदेशी प्रतिनिधियों से जुड़ी ऐसी कोई स्वास्थ्य संबंधी घटना सामने नहीं आई है। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के दावे तथ्यहीन और भ्रामक हैं।

सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि जरूर करें। अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से जुड़ी गलत सूचनाएं देश की छवि को प्रभावित कर सकती हैं।

दिल्ली में हुआ था BRICS सम्मेलन

BRICS शिखर सम्मेलन का आयोजन दिल्ली में किया गया था, जिसमें सदस्य देशों के शीर्ष नेताओं ने वैश्विक मुद्दों, आर्थिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों पर चर्चा की।

सम्मेलन के दौरान विभिन्न देशों के बीच सहयोग बढ़ाने, वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। कई देशों के प्रतिनिधिमंडल इस आयोजन में शामिल हुए।

सोशल मीडिया पर फैले दावों की जांच

BRICS सम्मेलन जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के बाद अक्सर सोशल मीडिया पर कई तरह की सूचनाएं सामने आती हैं। इनमें कुछ जानकारियां सही होती हैं, जबकि कुछ बिना पुष्टि के भी प्रसारित हो जाती हैं।

सरकार और संबंधित एजेंसियां समय-समय पर ऐसी सूचनाओं की जांच कर तथ्य सामने रखती हैं। इस मामले में भी सरकार ने नेताओं के स्वास्थ्य को लेकर किए जा रहे दावों को गलत बताया है।

भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि से जुड़ा मामला

अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों में बड़ी संख्या में विदेशी प्रतिनिधि और राष्ट्र प्रमुख शामिल होते हैं। ऐसे आयोजनों से जुड़ी किसी भी गलत सूचना का असर देशों के संबंधों और छवि पर पड़ सकता है।

इसी वजह से सरकार ने इस मामले में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि BRICS सम्मेलन के बाद नेताओं के बीमार होने की बात पूरी तरह निराधार है।

BRICS का महत्व

BRICS दुनिया के प्रमुख उभरते देशों का समूह है, जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका समेत अन्य देश शामिल हैं। यह समूह आर्थिक सहयोग, वैश्विक मुद्दों और विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा के लिए महत्वपूर्ण मंच माना जाता है।

भारत में आयोजित BRICS सम्मेलन के दौरान भी सदस्य देशों ने कई अहम विषयों पर बातचीत की और आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर आने वाली खबरों को बिना जांचे-परखे आगे न बढ़ाएं। खासकर अंतरराष्ट्रीय घटनाओं से जुड़ी जानकारी साझा करने से पहले आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि करना जरूरी है।

BRICS सम्मेलन के बाद नेताओं के स्वास्थ्य को लेकर किए गए दावों पर सरकार के स्पष्टीकरण के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि ऐसी किसी घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सरकार ने इसे गलत सूचना का मामला बताया है।

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