नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम‘मन की बात’ के नवीनतम एपिसोड को सुनने के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे राष्ट्र निर्माण और जन-भागीदारी का सबसे बड़ा मंच करार दिया। राजधानी दिल्ली में आयोजित एक विशेष प्रसारण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नागरिकों के साथ इस कार्यक्रम को सुना और अपने विचार साझा किए।मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ केवल एक रेडियो संबोधन नहीं है, बल्कि यह देश के कोने-कोने में बदलाव ला रहे आम लोगों के योगदान को पहचान देने और 140 करोड़ भारतीयों को एक सूत्र में पिरोने का एक अभूतपूर्व माध्यम है।
1. जन-भागीदारी और सामाजिक परिवर्तन का मंच
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि ‘मन की बात’ के माध्यम से प्रधानमंत्री देश के उन दूर-दराज के क्षेत्रों के गुमनाम नायकों को सामने लाते हैं, जो निस्वार्थ भाव से समाज सेवा, जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण रक्षा में जुटे हैं। उन्होंने कहा, "जब प्रधानमंत्री जी किसी साधारण नागरिक के असाधारण कार्य का जिक्र करते हैं, तो उससे न केवल उस व्यक्ति का हौसला बढ़ता है, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं को समाज के लिए कुछ नया और बेहतर करने की प्रेरणा मिलती है। यह कार्यक्रम भारत की सकारात्मक शक्ति का प्रतीक बन चुका है।"
2. स्वदेशी और 'वोकल फॉर लोकल' को मिला नया बल
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ‘मन की बात’ ने भारत की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को एक नई वैश्विक पहचान दिलाई है। प्रधानमंत्री द्वारा 'वोकल फॉर लोकल' (Vocal for Local) और 'आत्मनिर्भर भारत' के आह्वान ने देश के लघु उद्योग, कुटीर उद्योग और महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी दिल्ली में भी स्वदेशी उत्पादों और स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहित करने के लिए इस विचार को प्रशासनिक स्तर पर पूरी निष्ठा से लागू किया जा रहा है।
3. युवा शक्ति और नवोन्मेष (Innovation) का मार्गदर्शन
‘मन की बात’ के माध्यम से युवाओं को मिलने वाले मार्गदर्शन की सराहना करते हुए रेखा गुप्ता ने कहा कि खेल, स्टार्ट-अप, विज्ञान, अंतरिक्ष तकनीक और संस्कृति जैसे विषयों पर प्रधानमंत्री की चर्चा युवाओं को नए क्षितिज तलाशने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि 'परीक्षा पे चर्चा' की तरह ही ‘मन की बात’ भी छात्रों के भीतर से विफलता के डर को निकालकर उनमें आत्मविश्वास का संचार करती है। आज का युवा इस कार्यक्रम से जुड़कर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका तय कर रहा है।
4. पर्यावरण संरक्षण और 'एक पेड़ मां के नाम' की गूंज
पर्यावरण और स्वच्छता जैसे गंभीर विषयों पर ‘मन की बात’ के प्रभाव को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 'स्वच्छ भारत अभियान' से लेकर 'एक पेड़ मां के नाम' जैसे अभियानों को इस मंच से एक जन-आंदोलन का रूप मिला है। दिल्ली जैसी राष्ट्रीय राजधानी में हरित क्षेत्र बढ़ाने और प्रदूषण के खिलाफ जंग में ‘मन की बात’ से मिलने वाली प्रेरणा अत्यंत सहायक सिद्ध हो रही है। उन्होंने दिल्ली की जनता से आह्वान किया कि वे प्रधानमंत्री के संदेशों को अपने दैनिक जीवन में उतारें और पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें।
5. एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को मजबूती
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अंत में कहा कि ‘मन की बात’ ने देश की भाषाई और सांस्कृतिक विविधताओं को जोड़कर 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना को और अधिक प्रगाढ़ किया है। 140 करोड़ देशवासियों के विचार, प्रयास और सफलता की गाथाएं जब इस मंच से साझा की जाती हैं, तो संपूर्ण राष्ट्र में एक नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार होता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कार्यक्रम आने वाले समय में भी भारत को एक विकसित और समृद्ध राष्ट्र बनाने के संकल्प को दिशा दिखाता रहेगा।
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