नई दिल्ली: पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अपने हाथ में ले ली है। जांच शुरू करते ही एजेंसी की टीम ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनका पक्ष जाना। इससे पहले मंगलवार रात सीबीआई अधिकारी मामले से जुड़े पुलिस रिकॉर्ड और जब्त सामग्री अपने कब्जे में लेने के लिए मानसा थाने पहुंचे थे। एजेंसी ने इस संबंध में पुलिस को औपचारिक पत्र भी जारी किया है।

सीबीआई के वरिष्ठ उप महानिरीक्षक (डीआईजी) के नेतृत्व में टीम बुधवार को झोटा के घर पहुंची। अधिकारियों ने परिजनों का हालचाल जाना और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी ली। मामले की जांच में फॉरेंसिक विशेषज्ञों, औषधि नियंत्रकों और अन्य विशेषज्ञों के भी मानसा पहुंचने की सूचना है।

पीजीआई चंडीगढ़ में होगा पोस्टमार्टम

मामले में पोस्टमार्टम चंडीगढ़ स्थित पीजीआई में विशेषज्ञों की टीम द्वारा किए जाने की जानकारी सामने आई है। चंडीगढ़ में मजिस्ट्रेट की निगरानी में जांच संबंधी कार्रवाई भी की जाएगी। परिवार से बातचीत और उपलब्ध रिकॉर्ड हासिल करने के बाद सीबीआई घटना से जुड़े तथ्यों तथा साक्ष्यों की पड़ताल आगे बढ़ाएगी।

मेडिकल स्टोर के भीतर मारी गई थी गोली

परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा के बाजार में एक मेडिकल स्टोर के भीतर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह मेडिकल स्टोरों पर नशीली दवाओं की कथित अवैध बिक्री के खिलाफ आवाज उठाते थे। घटना के समय वह सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण भी कर रहे थे। इस मामले में मेडिकल स्टोर संचालक अश्विनी कुमार को गिरफ्तार किया गया था।

परिवार ने की थी स्वतंत्र जांच की मांग

झोटा के परिजनों ने मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की थी। इसके बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 20 अक्टूबर को मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की घोषणा की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मंगलवार को परिवार से मुलाकात की थी।

अब सीबीआई हत्या से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी। एजेंसी की जांच में घटनाक्रम, उपलब्ध साक्ष्यों और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल की जाएगी।

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