नई दिल्ली : नीट पेपर लीक समेत प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों पर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के प्रावधान वाले विधेयक को मंजूरी दे दी है। सूत्रों के मुताबिक, इस विधेयक को अगले सप्ताह संसद में पेश किया जा सकता है।
सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब देशभर में छात्र पेपर लीक की घटनाओं को लेकर नाराज हैं और कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। संसद के मानसून सत्र में भी नीट पेपर लीक का मुद्दा लगातार छाया हुआ है। विपक्ष इस मामले को लेकर सरकार पर हमलावर है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित विधेयक में पेपर लीक, परीक्षा प्रक्रिया में धांधली और संगठित तरीके से नकल कराने जैसे मामलों में सजा को और कठोर बनाने का प्रावधान किया गया है। सरकार का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना और लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई करना है।
केंद्र सरकार का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद जरूरी है। पेपर लीक जैसी घटनाओं से न केवल छात्रों का भरोसा प्रभावित होता है, बल्कि पूरी परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए कानूनी प्रावधानों को मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही थी।
कैबिनेट के इस फैसले से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात एक वीडियो संदेश जारी किया था। करीब तीन मिनट के इस संदेश में प्रधानमंत्री ने परीक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता जाहिर की थी। उन्होंने संकेत दिए थे कि पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं को रोकने के लिए सरकार जल्द ही बड़े कदम उठा सकती है।
नीट पेपर लीक मामले के बाद देशभर में छात्रों का आक्रोश बढ़ गया था। कई छात्र संगठनों ने परीक्षा रद्द करने, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन किया। इस मुद्दे को लेकर संसद में भी कई दिनों से विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहस देखने को मिल रही है।
सरकार की ओर से पहले ही कहा जा चुका है कि नीट पेपर लीक मामले में शामिल लोगों के खिलाफ जांच एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं। कई आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। अब नए विधेयक के जरिए भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने की कोशिश की जाएगी।
प्रस्तावित कानून में दोषियों के लिए कड़ी सजा और जुर्माने जैसे प्रावधान शामिल होने की संभावना है। हालांकि, विधेयक के संसद में पेश होने के बाद ही इसके विस्तृत प्रावधान सामने आएंगे।
केंद्र सरकार के इस कदम को परीक्षा सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर होगी कि संसद में इस विधेयक पर किस तरह की चर्चा होती है और इसे कब तक मंजूरी मिलती है। छात्रों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि नए कानून से प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और भरोसा मजबूत होगा।