नई दिल्ली : देशभर के करोड़ों ड्राइविंग लाइसेंस धारकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी सेवाओं को आसान, पारदर्शी और डिजिटल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव करने की तैयारी कर रही है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन का नया मसौदा जारी किया है। इसके तहत ड्राइविंग लाइसेंस में पता, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी अपडेट कराने पर शुल्क समाप्त करने, आवेदनों के निपटारे के लिए समय-सीमा निर्धारित करने और कई सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। नए ड्राफ्ट में सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि यदि पता बदलने के ऑनलाइन आवेदन पर परिवहन विभाग 30 दिनों के भीतर कोई निर्णय नहीं लेता है, तो आवेदन को स्वतः स्वीकृत माना जाएगा। हालांकि, ये नियम अभी लागू नहीं हुए हैं। मंत्रालय ने 16 अक्टूबर 2026 को अधिसूचित मसौदे पर जनता और संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे हैं। अंतिम अधिसूचना जारी होने के बाद ही नए प्रावधान प्रभावी होंगे।
ड्राइविंग लाइसेंस में पता और मोबाइल नंबर बदलना होगा मुफ्त
प्रस्तावित नियमों के अनुसार, ड्राइविंग लाइसेंस में आवासीय पता, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी अपडेट कराने के लिए कोई सरकारी शुल्क नहीं लिया जाएगा। वर्तमान व्यवस्था में लाइसेंस से संबंधित कुछ बदलावों के लिए निर्धारित शुल्क देना पड़ता है। नए प्रस्ताव में नाम और अन्य व्यक्तिगत विवरणों के संशोधन पर भी शुल्क समाप्त करने की व्यवस्था शामिल की गई है। इसके अलावा आधार आधारित ऑनलाइन प्रमाणीकरण के माध्यम से उपलब्ध कराई जाने वाली संबंधित सेवाओं के लिए भी शुल्क माफ करने का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वाहन चालकों के संपर्क और पते का विवरण हमेशा अपडेट रहे। इससे परिवहन विभाग को सही जानकारी उपलब्ध होगी और लाइसेंस धारकों को अनावश्यक खर्च से राहत मिल सकती है।
30 दिन तक फैसला नहीं हुआ तो आवेदन अपने आप मंजूर
नए ड्राफ्ट में सबसे बड़ा बदलाव आवेदनों के समयबद्ध निपटारे को लेकर प्रस्तावित किया गया है। यदि कोई नागरिक ड्राइविंग लाइसेंस में पता बदलने के लिए ऑनलाइन आवेदन करता है और संबंधित लाइसेंसिंग प्राधिकरण 30 दिनों के भीतर उसे स्वीकार या अस्वीकार नहीं करता है, तो आवेदन को 'डीम्ड अप्रूव्ड' यानी स्वतः स्वीकृत मान लिया जाएगा। इस प्रावधान का उद्देश्य परिवहन कार्यालयों में लंबित आवेदनों की संख्या कम करना और अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ाना है। हालांकि, यह व्यवस्था विशेष रूप से पता परिवर्तन के आवेदनों के लिए प्रस्तावित है। सभी प्रकार के ड्राइविंग लाइसेंस आवेदन 30 दिनों में स्वतः मंजूर नहीं होंगे।
नाम बदलने के आवेदन पर 15 दिन में देना होगा फैसला
ड्राइविंग लाइसेंस में नाम या अन्य व्यक्तिगत विवरण बदलने के लिए आवेदन करने वालों को भी नई व्यवस्था से राहत मिलने की संभावना है। प्रस्ताव के अनुसार, संबंधित प्राधिकरण को आवेदन मिलने के 15 दिनों के भीतर निर्णय लेना होगा। यदि आवेदन अस्वीकार किया जाता है, तो उसका कारण लिखित रूप में दर्ज करना होगा और आवेदक को इसकी जानकारी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भी दी जा सकेगी। इससे आवेदकों को अपने आवेदन की स्थिति जानने में आसानी होगी और कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत कम हो सकती है।
लाइसेंस से वाहन कैटेगरी हटाने पर 7 दिन की समयसीमा
कई वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस में एक से अधिक श्रेणियां दर्ज होती हैं। उदाहरण के लिए, दोपहिया वाहन और चारपहिया वाहन की अलग-अलग श्रेणियां हो सकती हैं। नए नियमों में यदि कोई व्यक्ति अपने लाइसेंस से किसी वाहन श्रेणी को स्थायी रूप से हटाने के लिए आवेदन करता है, तो सात दिनों के भीतर उसे हटाने का प्रस्ताव रखा गया है। हालांकि, इसके साथ एक महत्वपूर्ण शर्त भी जोड़ी गई है। जो व्यक्ति किसी वाहन श्रेणी को स्थायी रूप से छोड़ देगा, वह अगले एक साल तक उसी श्रेणी का लर्नर या ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने का पात्र नहीं होगा। इसलिए किसी भी वाहन श्रेणी को हटाने का फैसला सावधानी से करना होगा।
रिन्यूअल और डुप्लीकेट लाइसेंस के लिए आएगा नया फॉर्म 2A
ड्राइविंग लाइसेंस की आवेदन प्रक्रिया आसान बनाने के लिए मंत्रालय ने नया एकीकृत फॉर्म 2A प्रस्तावित किया है। इस फॉर्म के माध्यम से लाइसेंस धारक कई सेवाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे, जिनमें ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण, डुप्लीकेट लाइसेंस प्राप्त करना, नई वाहन श्रेणी जोड़ना और व्यक्तिगत विवरणों में संशोधन शामिल हैं। नई व्यवस्था में सारथी पोर्टल पर पहले से उपलब्ध जानकारी का उपयोग किया जा सकेगा। इससे बार-बार नाम, जन्मतिथि और अन्य विवरण भरने की जरूरत कम हो सकती है। ऑनलाइन सेवाओं में पहचान सत्यापन और डिजिटल दस्तावेजों के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया है।
तीन महीने पुराने बिजली और गैस बिल भी होंगे मान्य
नए ड्राफ्ट में पते के प्रमाण से जुड़े दस्तावेजों के नियमों को भी सरल बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। इसके अनुसार, आवेदन की तारीख से तीन महीने से अधिक पुराने न होने वाले बिजली बिल और घरेलू गैस कनेक्शन से संबंधित बिल निवास प्रमाण के रूप में स्वीकार किए जा सकेंगे। इसका फायदा विशेष रूप से उन लोगों को मिल सकता है, जो किराए के मकान में रहते हैं या हाल ही में किसी नए पते पर शिफ्ट हुए हैं। आधार कार्ड, पासपोर्ट और अन्य निर्धारित दस्तावेज भी संबंधित पात्रता शर्तों के अनुसार स्वीकार किए जा सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य लाइसेंस बनवाने या उसमें बदलाव कराने के दौरान दस्तावेजों को लेकर आने वाली परेशानियां कम करना है।
इमरजेंसी कॉन्टैक्ट और अंगदान का विकल्प भी शामिल
सड़क दुर्घटनाओं के दौरान समय पर मदद सुनिश्चित करने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस आवेदन में आपातकालीन संपर्क नंबर की जानकारी शामिल करने का प्रस्ताव है। इसके जरिए किसी दुर्घटना की स्थिति में संबंधित व्यक्ति के परिजन या आपातकालीन संपर्क से जल्दी संपर्क किया जा सकेगा। नए फॉर्म में अंगदान की इच्छा दर्ज करने का विकल्प भी होगा। इसके जरिए इच्छुक आवेदक अपनी सहमति से संबंधित जानकारी दर्ज कर सकेंगे। हालांकि, अंगदान की प्रक्रिया संबंधित चिकित्सा और कानूनी नियमों के अनुसार ही संचालित होगी।
लर्निंग लाइसेंस की तैयारी करने वालों के लिए भी बदलाव
मंत्रालय के ड्राफ्ट में सुरक्षित ड्राइविंग से संबंधित ऑनलाइन ट्यूटोरियल के नियम बदलने का भी प्रस्ताव रखा गया है। ऑनलाइन सुरक्षित ड्राइविंग ट्यूटोरियल की न्यूनतम अवधि 30 मिनट निर्धारित करने और उसके मूल्यांकन में उत्तीर्ण होने के लिए आवश्यक अंक 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने की बात कही गई है। इसके अलावा ट्यूटोरियल पूरा करने की अवधि सात दिनों से बढ़ाकर 15 दिन करने का प्रस्ताव है। इन बदलावों का उद्देश्य नए वाहन चालकों में यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
जनता से मांगे गए सुझाव 
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने प्रस्तावित संशोधनों पर जनता, वाहन संगठनों और अन्य हितधारकों से 30 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए हैं। मंत्रालय सभी सुझावों की समीक्षा करने के बाद अंतिम नियम जारी करेगा। अभी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने, नवीनीकरण कराने या उसमें किसी प्रकार का संशोधन करने के लिए मौजूदा नियम और लागू शुल्क ही मान्य हैं। यदि ये प्रस्ताव अंतिम रूप में लागू होते हैं, तो देशभर के वाहन चालकों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी कई सेवाएं पहले से अधिक सरल और सुविधाजनक हो सकती हैं।
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