नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी NCR में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण और पर्यावरण संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) लगातार निगरानी कर रहा है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि आयोग ने 8 सितंबर से 24 सितंबर के बीच NCR में लागू नियमों, विभिन्न क्षेत्रों में किए गए निरीक्षण और नियमों के अनुपालन की स्थिति की समीक्षा की। इस 17 दिनों की अवधि के दौरान कुल 197 निरीक्षण किए गए।
मंत्रालय के अनुसार, नियमों के अनुपालन की विस्तृत समीक्षा के लिए 1 अक्टूबर को CAQM की एनफोर्समेंट टास्क फोर्स यानी ETF की 140वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में NCR में अलग-अलग क्षेत्रों में किए गए निरीक्षणों और निर्धारित नियमों के पालन की स्थिति पर चर्चा की गई। आयोग की ओर से निर्माण एवं विध्वंस स्थलों, औद्योगिक इकाइयों और डीजल जेनरेटर सेट से संबंधित गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया गया।
8 सितंबर से 24 सितंबर के बीच किए गए कुल 197 निरीक्षणों में सबसे अधिक जांच औद्योगिक क्षेत्र में हुई। इस दौरान इंडस्ट्रियल सेक्टर में कुल 111 निरीक्षण किए गए। इसके अलावा कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन यानी C&D साइटों पर 10 निरीक्षण किए गए, जबकि डीजल जेनरेटर यानी DG सेट से संबंधित 76 निरीक्षण किए गए।
औद्योगिक क्षेत्र में किए गए 111 निरीक्षणों में से 22 जांच एक विशेष निरीक्षण अभियान के तहत की गईं। इसका उद्देश्य यह देखना था कि औद्योगिक इकाइयां वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लागू किए गए नियमों और निर्देशों का पालन कर रही हैं या नहीं। औद्योगिक गतिविधियों से निकलने वाले उत्सर्जन को NCR की वायु गुणवत्ता से जुड़े महत्वपूर्ण कारकों में शामिल किया जाता है, इसलिए इस क्षेत्र में निरीक्षणों की संख्या सबसे अधिक रही।
इसी तरह निर्माण और विध्वंस गतिविधियों की भी निगरानी की गई। NCR में निर्माण कार्यों के दौरान उड़ने वाली धूल वायु प्रदूषण की समस्या को प्रभावित कर सकती है। इसे देखते हुए C&D साइटों के लिए विभिन्न नियम लागू किए जाते हैं। आयोग ने 17 दिनों की अवधि के दौरान ऐसी 10 साइटों का निरीक्षण किया और वहां नियमों के पालन की स्थिति का जायजा लिया।
डीजल जेनरेटर सेट भी निरीक्षण अभियान के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल रहे। 8 से 24 सितंबर के बीच DG सेट से जुड़े कुल 76 निरीक्षण किए गए। आयोग ने इन निरीक्षणों के जरिए यह जांचने पर जोर दिया कि संबंधित इकाइयां और प्रतिष्ठान लागू दिशा-निर्देशों के अनुरूप DG सेट का संचालन कर रहे हैं या नहीं।
NCR में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना कई एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती है। मौसम में बदलाव के साथ प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी की आशंका के बीच नियमों का प्रभावी पालन महत्वपूर्ण हो जाता है। इसी वजह से CAQM अलग-अलग क्षेत्रों में निरीक्षण और निगरानी की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है।
एनफोर्समेंट टास्क फोर्स की 140वीं बैठक में निरीक्षणों से जुड़ी स्थिति की समीक्षा इसी प्रक्रिया का हिस्सा रही। बैठक में यह देखा गया कि अलग-अलग क्षेत्रों में नियमों को किस स्तर तक लागू किया जा रहा है और संबंधित गतिविधियों पर निगरानी किस तरह आगे बढ़ रही है।
आंकड़ों के मुताबिक कुल निरीक्षणों में औद्योगिक क्षेत्र का हिस्सा सबसे बड़ा रहा। 197 में से 111 निरीक्षण औद्योगिक सेक्टर से संबंधित थे। वहीं DG सेट के 76 और C&D साइटों के 10 निरीक्षण किए गए। इस तरह आयोग की निगरानी का बड़ा हिस्सा औद्योगिक गतिविधियों और डीजल जेनरेटर के इस्तेमाल पर केंद्रित रहा।
औद्योगिक क्षेत्र में विशेष निरीक्षण अभियान के तहत किए गए 22 निरीक्षण भी महत्वपूर्ण रहे। विशेष अभियान के जरिए निर्धारित क्षेत्रों और गतिविधियों पर केंद्रित तरीके से निगरानी की गई। इससे नियमों के अनुपालन की वास्तविक स्थिति जानने और जरूरत के अनुसार आगे की कार्रवाई तय करने में मदद मिलती है।
CAQM का उद्देश्य NCR में वायु गुणवत्ता प्रबंधन से जुड़े निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। इसके लिए विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय, नियमित निरीक्षण और अनुपालन की समीक्षा की जाती है। खासकर प्रदूषण बढ़ने की आशंका वाले समय में निर्माण स्थलों, उद्योगों और डीजल जेनरेटर जैसी गतिविधियों की निगरानी महत्वपूर्ण हो जाती है।
मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 17 दिनों के दौरान किए गए निरीक्षणों का विवरण एनफोर्समेंट टास्क फोर्स के सामने रखा गया। बैठक में नियमों के पालन और निरीक्षणों की स्थिति पर समीक्षा की गई। इससे संबंधित एजेंसियों को यह पता लगाने में मदद मिलती है कि किन क्षेत्रों में निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है।
दिल्ली और आसपास के NCR क्षेत्रों में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए आयोग द्वारा समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं। इनका पालन सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर निरीक्षण आवश्यक होता है। सितंबर में चलाया गया यह निरीक्षण अभियान भी इसी व्यवस्था का हिस्सा है।
8 से 24 सितंबर के बीच हुए 197 निरीक्षण यह दर्शाते हैं कि CAQM ने औद्योगिक इकाइयों, निर्माण एवं विध्वंस स्थलों और DG सेट पर निगरानी केंद्रित की। अब इन निरीक्षणों के आधार पर अनुपालन की स्थिति की समीक्षा करते हुए आगे की रणनीति और आवश्यक कदम तय किए जाएंगे। वायु गुणवत्ता को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर निगरानी और नियमों का पालन सुनिश्चित करना आयोग की कार्रवाई का प्रमुख हिस्सा बना हुआ है।